निरूपा पटवा पिछले 8 वर्षों से निरंतर सेवा के पथ पर अग्रसर हैं. जॉयन्ट्स ग्रुप ऑफ रॉयल लेडीज के माध्यम से उन्होंने महिलाओं के सर्वांगीण विकास को अपना लक्ष्य बनाया है. पिछले 5 वर्षों से उनकी टीम विशेष रूप से महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के मिशन पर काम कर रही है. निरूपा का मानना है कि जब तक महिला के हाथ में हुनर और जेब में पैसा नहीं होगा, तब तक समाज में उसकी स्थिति सुदृढ़ नहीं हो सकती. इसी सोच के साथ उन्होंने महिलाओं को घरों से बाहर निकालकर उन्हें बिजनेस प्रमोट करने, प्रोफेशनल ट्रेनिंग देने और उनके काम को बाजार तक पहुंचाने का मंच प्रदान किया है.
1000 से अधिक महिलाओं को कर चुकी हैं प्रशिक्षित
सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यो में भी है दिलचस्पी
निरूपा का कार्य केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है. उनका ग्रुप गरीब परिवार की बेटियों की शादियों में बढ़-चढ़कर सहयोग करता है. वर्तमान समय की चुनौतियों को देखते हुए वे बच्चियों और युवतियों को ‘गुड टच-बैड टच’ की जानकारी देने के साथ-साथ सेल्फ डिफेंस (आत्मरक्षा) के गुर भी सिखाती हैं. समय-समय पर आयोजित होने वाली प्रदर्शनियों के जरिए वे महिलाओं को यह संदेश देती हैं कि जीवन में किसी भी तरह की परेशानी आए, तो उन्हें डरना नहीं बल्कि लड़ना आना चाहिए.
महिलाओं को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर निरूपा पटवा ने देश की तमाम महिलाओं को एक सशक्त संदेश दिया है. उनका कहना है कि, “महिलाओं को अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी, कोई दूसरा आपकी जगह खड़ा होने नहीं आएगा.” वे कहती हैं कि आज भी समाज और राजनीति में महिलाओं के पास सामान्य जागरूकता की कमी है. सरकार की कई कल्याणकारी योजनाएं पात्र महिलाओं तक नहीं पहुंच पातीं. निरूपा ने संकल्प लिया है कि वे भविष्य में इन योजनाओं को अंतिम पायदान पर खड़ी महिला तक पहुँचाने के लिए विशेष अवेयरनेस सेशन चलाती रहेंगी.
महिलाएं सक्षम होंगी तो परिवार सक्षम होगा
निरूपा ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ महिलाओं के लिए खास कैंप भी लगाए जाते हैं. उन कैंपों के जरिए महिलाओं को सभी तरह की नॉलेज दी जाती है. महिलाओं के अंदर के डर को दूर करके उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया जाता है. मेरा मानना है कि महिलाएं सक्षम होंगी तो परिवार भी सक्षम होगा. हमारी संस्था के जरिए महिलाओं में दान-पुण्य को लेकर भी जागरूकता फैलाने का काम किया जाता है.
निरूपा पटवा ने बताया कि हमारी संस्था से जुड़ी सभी महिलाएं हर जाति-वर्ग के लोगों को जोड़ रही हैं. पिछड़े इलाकों और गरीब बस्तियों में जाकर अब महिलाओं को शिक्षा के साथ उन्हें रोजगार कैसे शुरू किया जाए, हम उस पर काम करते हैं. सरकारी योजनाओं का उन्हें लाभ दिलाते हैं. हम कैंसर पीड़ित मरीजों के लिए बालों का प्रबंध करने का काम भी करते हैं.
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