Strawberry farming care winter tips: सर्दियों में गिरने वाला पाला स्ट्रॉबेरी की फसल के लिए नुकसानदायक होता है. पाले से पौधों की पत्तियाँ, फूल और फल झुलस जाते हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होती है.
सर्दियों में गिरने वाला पाला स्ट्रॉबेरी की फसल के लिए नुकसानदायक होता है. पाले से पौधों की पत्तियाँ, फूल और फल झुलस जाते हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होती है.

कृषि वैज्ञानिक डॉ० प्रमोद कुमार ने बताया कि पाले के प्रभाव से फूल झड़ जाते हैं, फल का आकार छोटा रह जाता है तथा फल सख्त और बदरंग हो जाते हैं. अधिक पाला पड़ने पर पूरा पौधा भी नष्ट हो सकता है.

ऐसे में पौधों का ख्याल रखने के लिए कृषि वैज्ञानिक का सुझाव पर गौर करना चाहिए. सुबह के समय पत्तियों पर सफेद परत जमना, पत्तियों का मुड़ना व काला पड़ना पाले के प्रमुख लक्षण हैं. ऐसे संकेत दिखते ही तुरंत बचाव के उपाय अपनाने चाहिए.
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उन्होंने कहा कि पलामू जिले में भी स्ट्रॉबेरी की खेती बड़े पैमाने पर होने लगी है. वहीं पाला की संभावना होने पर हल्की सिंचाई करना सबसे प्रभावी उपाय है. नमी रहने से खेत का तापमान बढ़ता है और पाले का प्रभाव कम होता है.

उन्होंने कहा कि पौधों के नीचे प्लास्टिक मल्च बिछाने और ऊपर पॉली टनल लगाने से तापमान संतुलित रहता है, जिससे पाले से फसल सुरक्षित रहती है.

उन्होंने यह भी बताया कि रात के समय खेत के चारों ओर सूखी घास, पुआल या कचरे से धुआँ करने पर वातावरण का तापमान बढ़ता है, जिससे पाले का असर कम होता है.

उन्होंने यह भी कहा कि पोटाश और सूक्ष्म पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग पौधों की सहनशीलता बढ़ाता है. इससे पौधे ठंड के प्रभाव को बेहतर ढंग से सहन कर पाते हैं.

उन्होंने बताया कि किसानों को मौसम विभाग की जानकारी पर नियमित ध्यान देना चाहिए. पाले की चेतावनी मिलते ही समय रहते बचाव उपाय अपनाने से नुकसान से बचा जा सकता है.
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