Palamu news: पलामू जिले में किसानों के लिए जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. खेतों में मेहनत से उगाई गई फसलें कभी हाथियों के झुंड तो कभी नील गाय, जंगली सुअर और हिरणों द्वारा नष्ट कर दी जाती हैं.
एक सप्ताह में मिलेगा मुआवजा
हमले पर परिवार को 4 लाख
वन विभाग के अनुसार अलग-अलग क्षति के लिए अलग-अलग मुआवजा तय किया गया है. यदि जंगली जानवर के हमले में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो पीड़ित परिवार को अधिकतम 4 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाता है. वहीं, मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में 1 लाख रुपये तक की सहायता राशि का प्रावधान है. फसल क्षति के मामलों में भी नुकसान के आकलन के आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाता है, जिससे उन्हें दोबारा खेती शुरू करने में मदद मिल सके.
ये जानवर करते हैं नुकसान
विशेषज्ञ डॉ. डी. एस. श्रीवास्तव के अनुसार पलामू जिले के कई इलाकों में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं सबसे अधिक देखने को मिलती हैं. हाथियों के अलावा नील गाय, जंगली सुअर और हिरण भी बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ता है.
वन विभाग ने किसानों से अपील की है कि जंगली जानवरों से होने वाली किसी भी क्षति की सूचना तुरंत विभाग को दें और मुआवजा आवेदन की प्रक्रिया में देरी न करें. समय पर आवेदन करने से न केवल शीघ्र राहत मिलेगी, बल्कि समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने में भी मदद मिलेगी. जंगली जानवरों के बढ़ते खतरे के बीच यह मुआवजा व्यवस्था किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें
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