पालमपुर (कांगड़ा)। अमेरिका द्वारा जब्त किए गए रूसी तेल टैंकर पर सवार पालमपुर के सरकारी सिद्धपुर निवासी रक्षित चौहान आखिरकार सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। रक्षित के घर पहुंचते ही परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और माता-पिता की आंखें छलक आईं। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने रक्षित के घर जाकर उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी। साथ ही मामले में भारत सरकार की सक्रिय भूमिका की सराहना की।
रक्षित चौहान ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि अमेरिकी नौसेना ने जहाज को कब्जे में लेने के बाद उनके मोबाइल फोन और अन्य उपकरण जब्त कर लिए थे। इससे परिजनों से संपर्क पूरी तरह कट गया था। रक्षित ने कहा कि भले ही हमें हिरासत में लिया गया था, लेकिन अमेरिकी कोस्ट गार्ड का व्यवहार ठीक था। हमारे स्वास्थ्य की नियमित जांच की जाती थी।
रक्षित ने अपनी जल्द रिहाई का श्रेय भारत सरकार के कूटनीतिक दबाव को दिया, जिसके कारण जहाज पर सवार तीन भारतीयों की सुरक्षित वापसी संभव हो पाई। क्षित के पिता रणजीत सिंह ने अपने पुत्र की वापसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज का आभार जताया। त्रिलोक कपूर ने इस मामले को लगातार केंद्रीय नेतृत्व और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष उठाया था। कपूर ने कहा कि केंद्र सरकार की सजगता के कारण ही हिमाचल का बेटा आज सुरक्षित अपने घर पहुंच सका है।
आखिर क्यों जब्त हुआ था जहाज
सात जनवरी को अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने रूसी तेल टैंकर मैरिनेरा (पुराना नाम बेला-1) को अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में जब्त किया था। अमेरिका का संदेह था कि यह जहाज वेनेजुएला की शैडो फ्लीट (प्रतिबंधों से बचने वाला संदिग्ध बेड़ा) से जुड़ा है। इस टैंकर पर 17 यूक्रेनी, छह जॉर्जियाई और तीन भारतीय नागरिक सवार थे।
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