मुजफ्फरपुर. सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला सामने आया है। इसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज मुजफ्फरपुर और मोतिहारी में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की।
मुजफ्फरपुर में यह कार्रवाई मिठनपुरा थाना क्षेत्र के रामबाग चौरी नहर रोड, लेन नंबर–15 स्थित एक किराए के मकान में की गई। यहां ठगी गिरोह के एक अहम आरोपी के रहने की जानकारी ईडी को मिली थी।
सुबह करीब छह बजे ईडी की टीम जब मौके पर पहुंची, तब तक आरोपी फरार हो चुका था। आरोपी की पहचान मंटु शाह के रूप में हुई है। ये मुजफ्फरपुर–मोतिहारी इलाके में सक्रिय संगठित ठगी गिरोह का हिस्सा है। रेड की भनक लगते ही वह सुबह-सुबह ही घर छोड़कर फरार हो गया।
पांच घंटे चली ईडी की कार्रवाई
ईडी अधिकारियों ने मौके पर करीब पांच घंटे तक जांच की। इस दौरान किराए के मकान में मौजूद दस्तावेजों की गहन जांच की गई। आरोपी के परिवार के कई सदस्यों से लंबी पूछताछ की गई।
सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम ने ठगी से जुड़े लेन–देन, संदिग्ध बैंक खातों और अन्य अहम कागजात को जब्त किया है, जिन्हें आगे की जांच के लिए साथ ले जाया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। इसके बाद यह पैसा अलग–अलग खातों और माध्यमों से इधर–उधर ट्रांसफर करते थे। जिससे मनी लॉन्ड्रिंग का शक और गहराता जा रहा है।
मकान मालिक नंद किशोर गुप्ता ने बताया कि मंटु शाह सुबह के समय ही घर से निकल गया था। उन्हें भी बाद में ईडी की रेड की जानकारी मिली। फिलहाल ईडी की ओर से किसी गिरफ्तारी या संपत्ति जब्ती को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

बिहार के कई जिलों में फैला था नेटवर्क
सूत्रों का कहना है कि ठगी का यह गिरोह बिहार के कई जिलों में सक्रिय था। बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाकर उनसे लाखों रुपए वसूले जाते थे। ईडी को इस नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में और भी छापेमारी व कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
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