छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में एक नया सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प स्थापित किया गया है। यह कैम्प थाना फरसेगढ़ क्षेत्र के ग्राम डोडीमरका में 26 दिसंबर को स्थापित किया गया।
डीआरजी, जिला बल, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (छसबल) और 7वीं वाहिनी बी की संयुक्त टीमों ने दुर्गम भूभाग और कड़ाके की ठंड के बावजूद इस कार्य को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
अभियानों को मिलेगी मजबूती
इस नवीन कैम्प की स्थापना से माओवादियों के खिलाफ अभियानों को मजबूती मिलेगी। साथ ही, यह भोपालपटनम से फरसेगढ़, सेंड्रा और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली को जोड़ने वाली आधारभूत संरचना के विस्तार में भी सहायक होगा।
इससे नेशनल पार्क के दूरदराज के गांवों तक सड़क, पुल-पुलिया और अन्य आवश्यक सुविधाओं का मार्ग प्रशस्त होगा, जिससे क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा।
मूलभूत सुविधाएं होंगी उपलब्ध
कैम्प की स्थापना से स्थानीय ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, पीडीएस दुकानें और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
यह कदम माओवादियों की अंतरराज्यीय गतिविधियों पर अंकुश लगाने और क्षेत्र में शांति का माहौल स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
29 नए सुरक्षा कैम्प स्थापित
साल 2024 से अब तक बीजापुर जिले में कुल 29 नए सुरक्षा कैम्प स्थापित किए जा चुके हैं। इन लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप, 923 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 221 मुठभेड़ों में मारे गए और 1100 को गिरफ्तार किया गया है।
यह पहल ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत की गई है। कैम्प की स्थापना के दौरान डीआईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी, डीआईजी रेंज दंतेवाड़ा कमलोचन कश्यप के मार्गदर्शन में एसपी जितेंद्र कुमार यादव,
एएसपी चंद्रकांत गवर्ना, उपएसपी मनोज तिर्की, हरिश पाटिल, सुदीप सरकार (ऑप्स) और अनुभागीय अधिकारी फरसेगढ़ अमन लखीसरानी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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