नवादा में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर 100 दिवसीय बाल विवाह उन्मूलन अभियान शुरू किया गया है। इसी कड़ी में बुधवार को व्यवहार न्यायालय के लाइब्रेरी हॉल में जीविका दीदियों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा, सुश्री शिल्पी सोनीराज ने की। इसका संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, श्री धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में हुआ। प्रशिक्षण सत्र में एल०ए०डी०सी०एस (Legal Aid Defense Counsel System) के अधिकारियों द्वारा जीविका दीदियों को बाल विवाह से संबंधित कानूनों, इसके दुष्परिणामों और रोकथाम के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलाने की रणनीतियों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल और डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल, नवादा ने जीविका दीदियों को बाल विवाह की सूचना मिलने पर अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रियाओं और संबंधित संस्थाओं को सूचित करने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, अतिरिक्त लीगल एड डिफेंस काउंसिल, एल०ए०डी०सी०एस के सदस्यगण और बड़ी संख्या में जीविका दीदियाँ उपस्थित थीं। इस प्रशिक्षण का लक्ष्य जीविका दीदियों को बाल विवाह रोकने में सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।
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