नैनीताल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में महिलाएं वर्षों से चली आ रही ऊन बुनाई की परंपरा को आजीविका का साधन बना रही हैं. स्वयं सहायता समूहों और व्यक्तिगत प्रयासों के जरिए महिलाएं ऊन से रंग-बिरंगे, आकर्षक और टिकाऊ ऊनी उत्पाद तैयार कर रही हैं. इन उत्पादों की खास बात यह है कि ये मशीन से बने कपड़ों की तुलना में अधिक गर्म, मजबूत और लंबे समय तक चलने वाले होते हैं. यही कारण है कि स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटक भी इन्हें जमकर खरीदते हैं.
इन दिनों नैनीताल में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. शाम ढलते ही और सुबह के समय तापमान काफी नीचे चला जाता है. न्यूनतम तापमान करीब 1 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है, जबकि अधिकतम तापमान लगभग 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है. ऐसे में हाथ से बुने ऊनी कपड़े पहाड़ों की ठंड में काफी पसंद किए जाते हैं. और इन ऊनी कपड़ों को तैयार करने की परंपरा सदियों से पहाड़ों में चली आ रही हैं. ये कपड़े न सिर्फ शरीर को गर्म रखते हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपरा की पहचान भी हैं.
यह भी पढ़ें: चाइना, कोरिया, तिब्बत और थाईलैंड से आई ये खास जैकेट्स दे रही नैनीताल की सर्दी में राहत, सिर्फ ₹1500 से शुरू
शौक को बनाया रोजगार का जरिया
नैनीताल के मल्लीताल स्थित पंत पार्क में दुकान लगाने वाली महिला उद्यमी मंजू बोरा अपने हाथों से ऊनी टोपी, मोजे, मफलर और ग्लव्स तैयार करती हैं. उनके उत्पाद आकर्षक रंगों और अलग-अलग डिजाइनों में उपलब्ध हैं, जिन्हें पर्यटक खासा पसंद कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि उनके पास ऊनी मोजों की कई वैरायटी हैं, जिनमें लॉन्ग मोजे, शॉर्ट मोजे और बच्चों के लिए खास डिजाइन शामिल हैं. मंजू बोरा बताती हैं कि, इस समय लॉन्ग ऊनी मोजों की सबसे ज्यादा मांग है. एक जोड़ी लॉन्ग ऊनी मोजे तैयार करने में लगभग दो दिन का समय लगता है, जिसकी कीमत करीब 400 रुपये प्रति जोड़ा है. इसके अलावा बच्चों के लिए तैयार किए जाने वाले ऊनी उत्पादों की कीमत 50 रुपये से शुरू होती है, जबकि महिलाओं के लिए ऊनी उत्पाद 100 रुपये से उपलब्ध हैं. उन्होंने बताया कि बचपन से उन्हें बुनाई का शौक था, जिसे आज उन्होंने रोजगार में बदल दिया है.
महिलाओं को मिला आय का जरिया
इस काम से पहाड़ की महिलाओं को घर बैठे आय का जरिया मिला है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं. साथ ही, उनके बनाए उत्पाद पहाड़ों की पहचान को भी आगे बढ़ा रहे हैं. सर्दियों के मौसम में ऊनी कपड़ों की बढ़ती मांग ने महिलाओं के हुनर को नया मंच दिया है और नैनीताल की आर्थिकी को भी मजबूती प्रदान की है. हाथ से बुने ये ऊनी कपड़े आज न सिर्फ ठंड से बचाव का साधन हैं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की मिसाल भी बन चुके हैं.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.