अगर आप सर्दियों में पहाड़ों की सैर पर आ रहे हैं, तो यहां की पारंपरिक पहाड़ी डिशेज़ ज़रूर चखें. ये पारंपरिक पहाड़ के व्यंजन स्वाद में ना सिर्फ लाजवाब हैं, बल्कि ठंड में शरीर को गर्म रखने और इम्युनिटी बढ़ाने में भी मददगार हैं. सर्दियों के मौसम में पहाड़ों में इन खास व्यंजनों को चूल्हे पर तैयार किया जाता है. जिसे ठंड में लोग बड़े चाव से खाते हैं.
सर्दियों में उत्तराखंड की सबसे लोकप्रिय और पौष्टिक डिशों में भट्ट की चूड़कानी काफी प्रचलित है. काले भट (सोयाबीन) से बनने वाली यह डिश ठंड में शरीर को गर्म रखने का काम करती है. भट को भिगोकर पीसा जाता है और लोहे की कढ़ाई में धीमी आंच पर पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और पौष्टिकता दोनों बढ़ जाती है. इसमें मौजूद प्रोटीन और आयरन सर्दियों में कमजोरी दूर करता है. पहाड़ों में इसे आमतौर पर चावल या मंडुए की रोटी के साथ परोसा जाता है. स्वाद में देसी तड़का और पहाड़ी पहाड़ी मसालों की खुशबू इसे खास बनाती है.

पालक का कापा भात पहाड़ों की पारंपरिक और सेहतमंद डिश मानी जाती है. सर्दियों में ताजा पालक से तैयार किया गया यह सब्जी आयरन और फाइबर से भरपूर होती है. उबले चावल में पालक की गाढ़ी ग्रेवी मिलाकर इसे बनाया जाता है, जिसे स्थानीय भाषा में ‘कापा’ कहा जाता है. ठंड के मौसम में यह डिश शरीर को ऊर्जा देने के साथ पाचन को भी मजबूत करती है. हल्के मसालों और देसी घी की खुशबू इसका स्वाद और बढ़ा देती है. पहाड़ों में यह डिश घर-घर में बनाई जाती है.

उत्तराखंड का लाल भात न सिर्फ स्वाद में खास है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. यह पारंपरिक लाल चावल से बनाया जाता है, जिसमें फाइबर और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. सर्दियों में लाल भात खाने से शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है. पहाड़ी इलाकों में इसे दाल, भट्ट के डुबके या कापा के साथ परोसा जाता है. इसका हल्का नटी फ्लेवर इसे आम चावल से अलग बनाता है. स्वास्थ्य के प्रति जागरूक पर्यटकों के बीच लाल भात तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.
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सना नींबू उत्तराखंड की सबसे सरल लेकिन बेहद चटपटी पहाड़ी डिश है. सर्दियों में यह स्वाद के साथ इम्यूनिटी बढ़ाने का काम भी करती है. ताजे नींबू में नमक, भांग का बीज, मिर्च और सरसों का तेल मिलाकर इसे तैयार किया जाता है. पहाड़ों में इसे अक्सर भोजन के साथ साइड डिश के रूप में खाया जाता है. ठंड में यह शरीर को गर्म रखने और पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करती है. पहाड़ी खाने की थाली नींबू सना के बिना अधूरी मानी जाती है.

भट के डुबके सर्दियों में पहाड़ों की सबसे पसंदीदा पारंपरिक डिशों में से एक हैं. काले भट को भिगोकर पीसने के बाद मसालों के साथ पकाया जाता है, जिससे गाढ़ी और स्वादिष्ट ग्रेवी तैयार होती है. यह डिश ठंड में शरीर को गर्म रखने और ताकत देने का काम करती है. प्रोटीन से भरपूर भट के डुबके लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं. इसे चावल या रोटी के साथ खाया जाता है. पहाड़ी घरों में यह डिश खास मौकों पर जरूर बनाई जाती है.

भांग की चटनी उत्तराखंड की सबसे खास और अलग पहचान वाली डिश है. भांग के बीजों से बनी यह चटनी स्वाद में अनोखी होती है और सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में मदद करती है. इसे सिल-बट्टे पर पीसकर तैयार किया जाता है, जिससे इसका असली स्वाद बरकरार रहता है. पहाड़ों में इसे चावल, रोटी या मंडुए की रोटी के साथ खाया जाता है. भांग की चटनी पाचन को बेहतर बनाने के साथ एनर्जी भी देती है.
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