ग्रामीणों का आरोप है कि दिल्ली निवासी महिला कारोबारी उमा देवी ने सरकारी संपत्ति के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों की जमीन पर भी अवैध कब्जा कर रखा है. ग्रामीणों का आरोप है कि महिला गांव में ही सड़क किनारे चशेडी नाम से कैफे चलाती है, जो अवैध है. साथ ही महिला द्वारा गांव के एक व्यक्ति के घर पर भी कब्जा किया गया है, विरोध करने पर वह ग्रामीणों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देती है. ग्रामीणों ने पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई करने के आरोप लगाए, जिससे लंबे समय से क्षेत्र में तनाव बना हुआ था. बीते दिनों महिला और स्थानीय निवासी मुन्नी देवी की हाथापाई का वीडियो भी सोशल मीडिया में काफी वायरल हुआ था. जिसमें बाहरी महिला, मुन्नी देवी को धक्का देते दिखाई दे रही है. जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है.
पहले किया कब्जा फिर मुकदमा भी लिखवाया
दरअसल, बीते सप्ताह महिला कारोबारी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने पांच नामजद और आठ अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ मारपीट सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया था. इसे लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी थी. उनका कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच के केवल एक पक्ष की बात मानकर एफआईआर दर्ज की गई, जबकि ग्रामीणों की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. जिसे लेकर ग्राम प्रधान समेत जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीण मंगोली स्थित चशेड़ी रेस्टोरेंट के सामने एकत्रित हुए. धरना शुरू होते ही नारेबाजी तेज हो गई और माहौल गरमाने लगा. भीड़ बढ़ने पर पहले मंगोली चौकी पुलिस मौके पर तैनात की गई, लेकिन स्थिति बिगड़ती देख कोतवाली और तल्लीताल से अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाना पड़ा.
स्थानीय महिला से की मारपीट
इस दौरान पीड़िता मुन्नी देवी ने आरोप लगाया कि साल 2021 से उमा देवी ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है. कब्जा हटाने को कहने पर उन्हें घर से निकाल दिया गया और उनके साथ मारपीट की गई, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं और अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. पीड़िता का आरोप है कि मारपीट के बाद उल्टा उनके और उनके नाबालिग बच्चों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई. उन्होंने प्रशासन से अवैध कब्जा हटाने और बच्चों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की.
धमका रही है बाहरी महिला
ग्रामीण सरिता नेगी ने कहा कि बाहरी लोग पहाड़ों में आकर स्थानीय लोगों की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है. आरोप है कि महिला कारोबारी न तो जमीन का किराया देती है और न ही कब्जा छोड़ रही है, बल्कि पीड़ित परिवार को लगातार धमका रही है. करीब चार घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन और वार्ता के बाद तहसीलदार ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सरकारी भूमि पर बने रेस्टोरेंट और होमस्टे की निष्पक्ष जांच की जाएगी.
अवैध कब्जे की होगी जांच
तहसीलदार अक्षय भट्ट ने बताया कि कुछ दिन पूर्व शिकायत मिलने पर पर्यटन, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने चशेड़ी रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया था, जिसमें अनियमितताएं पाई गईं और पर्यटन विभाग ने चलानी कार्रवाई भी की है. उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामलों की भी राजस्व टीम से जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी. आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त किया. फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
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