31 दिसंबर की रात शहर में हल्की-फुल्की रौनक जरूर दिखी. मॉल रोड, तल्लीताल और मल्लीताल क्षेत्र में पर्यटकों की चहलकदमी रही, लेकिन बीते सालों जैसी भारी भीड़ और उत्साह नजर नहीं आई. होटल कारोबारियों के अनुसार, जहां आमतौर पर इस दिन 90 से 100 प्रतिशत तक ऑक्यूपेंसी रहती थी, वहीं इस बार कई होटलों में कमरे खाली नजर आए. कई छोटे होटल और होमस्टे मालिकों को उम्मीद के मुताबिक बुकिंग नहीं मिल सकी, जिससे निराशा का माहौल रहा.
जनवरी के पहले हफ्ते से उम्मीद
हालांकि, थर्टी फर्स्ट के फीके पड़ने के बाद भी होटल कारोबारियों ने उम्मीद नहीं छोड़ी है. अब उन्हें आने वाले लंबे वीकेंड और जनवरी के पहले हफ्तों से उम्मीद है. कारोबारियों का मानना है कि यह वीकेंड पर्यटन के लिए संजीवनी साबित हो सकता है. खासकर दिल्ली, एनसीआर और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों से बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहाड़ों का रुख करने की संभावना जताई जा रही है. कई होटलों में वीकेंड के लिए एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है, जिससे कारोबारियों को राहत की उम्मीद बंधी है.
सिर्फ 50 प्रतिशत पर्यटक पहुंचे नैनीताल
नैनीताल होटल एसोसिएशन के सचिव वेद साह ने बताया कि इस बार थर्टी फर्स्ट पर पर्यटकों का फ्लो काफी कम रहा. उनके अनुसार, अनुमान के मुताबिक सिर्फ करीब 50 प्रतिशत पर्यटक ही नैनीताल पहुंचे. उन्होंने कहा कि 15 जनवरी तक उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत कई मैदानी इलाकों में स्कूलों की छुट्टियां हैं, ऐसे में परिवारों के साथ घूमने आने वालों की संख्या बढ़ सकती है. होटल और पर्यटन से जुड़े व्यापारियों को अब 15 जनवरी तक अच्छे कारोबार की उम्मीद है.
सोशल मीडिया की वजह से फैल रहा भ्रम
वेद साह ने सोशल मीडिया पर बन रहे नकारात्मक नैरेटिव को भी पर्यटन पर असर डालने वाला बताया. उनका कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से यह संदेश फैल रहा है कि नैनीताल पूरी तरह भरा हुआ है और यहां आने पर घंटों जाम में फंसना पड़ेगा. जबकि हकीकत इससे अलग है. उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल नैनीताल में पर्यटक आराम से आ सकते हैं, जाम जैसी स्थिति नहीं है और व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चल रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल से भी कभी-कभी ऐसी सूचनाएं सामने आती हैं, जिससे शहर की नकारात्मक छवि बनती है. इससे पर्यटक आने से हिचकते हैं. जबकि वास्तविकता यह है कि प्रशासन और पुलिस पर्यटन को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं.
बढ़ने लगी है चहल पहल
कारोबारियों के अनुसार, नए साल के पहले वीकेंड में शहर में पर्यटकों की आवाजाही धीरे-धीरे बढ़ रही है. मॉल रोड पर चहल-पहल बढ़ने लगी है, बोटिंग प्वाइंट्स पर रौनक लौट रही है और होटल बुकिंग में भी सुधार देखने को मिल रहा है. अगर मौसम ने साथ दिया और नकारात्मक प्रचार पर अंकुश लगा, तो आने वाले दिन नैनीताल के पर्यटन कारोबार के लिए राहत भरे साबित हो सकते हैं.
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