Nainital Holi Celebration: नैनीताल की सरोवर नगरी में होली सिर्फ रंगों का खेल नहीं, बल्कि शास्त्रीय रागों और लोक परंपराओं का एक अनूठा संगम है. श्री राम सेवक सभा के तत्वावधान में आयोजित होने वाला 30वां ‘फागोत्सव’ कुमाऊंनी संस्कृति की जीवंत मिसाल पेश कर रहा है. पौष माह के पहले इतवार से शुरू होने वाली यह यात्रा महिला होली जुलूस, स्वांग और बैठकी होली के पड़ावों से गुजरती हुई पूरे शहर को भक्ति और उल्लास के रंग में सराबोर कर देती है.
बेहद खास है कुमाऊं की होली
नैनीताल निवासी रंगकर्मी मिथिलेश पांडे बताते हैं कि कुमाऊं में होली का एक समृद्धशाली इतिहास रहा है. कुमाऊं में अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ के साथ ही गढ़वाल की होली भी काफी प्रसिद्ध है. उन्होंने बताया कि नैनीताल में पौष माह के इतवार से होली की शुरुआत होती है. इस दिन निर्वाण, भक्ति रस के गीत गाए जाते हैं. जिसके बाद बसंत पंचमी के साथ ही श्रृंगारिक होली की शुरुआत होती है जो शिवरात्रि तक चलती है. शिवरात्रि के दिन अखंड धूनी जलती है और बैठकी होली की शुरुआत होती है. उन्होंने कहा कि समय के साथ होली में काफी बदलाव भी देखने को मिले हैं. जिसमें पहनावे, खान पान आदि चीजों में बदलाव आया है. लेकिन नैनीताल में पारंपरिक होली की परंपरा आज भी जीवंत है.
महिला बैठकी होली से हुई थी शुरुआत
श्री राम सेवक सभा के पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी बताते हैं कि इस साल नैनीताल में आयोजित किया जा रहा 30 वां फागोत्सव है. उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत कुछ महिलाओं की बैठकी होली के साथ हुई थी. लेकिन समय के साथ इसका स्वरूप बदलता गया. आज इस फागोत्सव में प्रतिभाग करने बाहर से टीमें पहुंचती है. उन्होंने बताया कि नैनीताल में होली पौष माह के इतवार से शुरू होती है जो होली के त्यौहार तक चलती है. इस साल तल्लीताल डांठ और चाट पार्क में भी होली आयोजित की जाएगी. इस दौरान पूरा शहर होली के रंगों में डूब जाता है. और हर्षोल्लास के साथ त्यौहार मनाता है.
युवाओं के लिए फूलों की होली
नैनीताल के स्थानीय निवासी हरीश राणा बताते हैं कि नैनीताल में आयोजित होने वाली होली की परंपरा शास्त्रीय रागों पर आधारित है. नैनीताल में महिला होली जुलूस, स्वांग के माध्यम से होली मनाई जाती है. उन्होंने बताया कि होली में स्वांग का विशेष महत्व होता है. महिलाएं सामाजिक मुद्दों, और कुरीतियों पर अभिनय करती हैं और समाज के सामने इन समस्याओं को लेकर आती हैं. उन्होंने बताया कि होली का अपना सांस्कृतिक महत्व है. युवाओं को जोड़ने के लिए फूलों की होली का आयोजन भी किया जाता है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें
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