Nainital DSA Cricket Ground: नैनीताल का डीएसए मैदान अपने अनूठे क्रिकेट पिच के लिए मशहूर है, जिसे धान के भूसे, लकड़ी के बुरादे और दीमक की खाई हुई मिट्टी से तैयार किया जाता है. सर्दियों में यहां खेला जाने वाला क्रिकेट टूर्नामेंट और पारंपरिक पिच बनाने की प्रक्रिया इस मैदान को अन्य मैदानों से अलग और खास बनाती है. यह पिच सिर्फ खेल का मैदान नहीं, बल्कि नैनीताल की खेल संस्कृति और विरासत का प्रतीक भी है.
डीएसए मैदान पूरी तरह बजरी का बना हुआ है, जहां घास उगना संभव नहीं है. आमतौर पर ऐसे मैदानों पर क्रिकेट पिच बनाना चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन नैनीताल में इस चुनौती का समाधान सदियों पुरानी परंपरागत तकनीक से किया जाता है. यहां क्रिकेट पिच धान के भूसे, लकड़ी के बुरादे और दीमक की खाई हुई मिट्टी से तैयार की जाती है, जो इसे अन्य क्रिकेट मैदानों से बिल्कुल अलग बनाती है.
खास तरह से तैयार की जाती है पिच
क्रिकेट पिच तैयार करने की प्रक्रिया बेहद मेहनत और तकनीक से जुड़ी हुई है. पिच वाली जगह पर सबसे पहले करीब एक से डेढ़ फीट तक खुदाई की जाती है. कुछ साल पहले इस हिस्से में ईंटें बिछाई गई थीं, ताकि पिच पूरी तरह समतल बनी रहे और लंबे समय तक टिकाऊ हो. इसके बाद दीमक द्वारा खाई गई मिट्टी के ढेलों को इकट्ठा कर तोड़ा जाता है और अच्छी तरह छानकर पिच की नींव के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
डीएसए नैनीताल के क्रिकेट सचिव रवि जोशी बताते हैं कि इस पिच की खासियत इसकी तीन परतों में छिपी है. पहली परत मोटी मिट्टी की होती है, जिसमें धान का भूसा, लकड़ी का बुरादा और पत्थर का कोयला मिलाया जाता है. यह परत पिच को लचीलापन और संतुलन प्रदान करती है. दूसरी परत में बारीक मिट्टी बिछाई जाती है, जिससे सतह और अधिक समतल बनती है. तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण परत दीमक की खाई हुई बेहद बारीक मिट्टी की होती है. यही परत पिच को मजबूती देती है और खेलने के दौरान उसे टूटने या बैठने से बचाती है.
लाखों का आता है खर्च
रवि जोशी के अनुसार, पिच तैयार होने के बाद उस पर खेलने के लिए ग्रीन मैट बिछाई जाती है. इसके साथ ही रोजाना पिच को पानी दिया जाता है और नियमित रूप से रोलिंग की जाती है, ताकि सतह मजबूत और संतुलित बनी रहे. इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय, श्रम और अनुभव की जरूरत होती है. उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर इस तरह की पिच बनाने में करीब 1 से 1.5 लाख रुपये तक का खर्च आता है.
हालांकि, इस बार मैदान की लेवलिंग के दौरान पिच वाले हिस्से में गहरा गड्ढा हो गया, जिसके चलते खर्च बढ़ने की संभावना है. अनुमान है कि इस साल पिच तैयार करने में करीब 2 से 2.5 लाख रुपये तक का खर्च आएगा. स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए यह पिच सिर्फ खेलने की जगह नहीं, बल्कि नैनीताल की खेल संस्कृति और विरासत का प्रतीक है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें
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