उधर, बस के कागज और परमिट पूरी तरह से वैध पाया गया है. दोपहर तीन बजे यह हादसा हुआ था और हरिपुरधार बाजार से 100 मीटर पहले यह बस खाई में गिर गई. चौंकाने वाली बात है कि इस 39 सीटर बस में कुल 66 लोग सवार थे और बस पूरी तरह से ओवरलोड थी.
रिपोर्ट के अनुसार, हादसे वाली जगह पर सड़क की हालत अच्छी नहीं थी और ना ही किनारे पर पैराफिट थे. आशंका है कि पाला पड़ने के कारण सड़क पर पानी भी जमा था और फिर कीचड़ से बस फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी.
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 3 बजे यह हादसा हुआ था. क्षेत्रीय परिवहन विभाग की अधिकारी सोना चंदेल ने बताया कि बस के सभी दस्तावेज सही थे और 8 जुलाई 2029 तक का वैध परमिट था. वहीं, बस की फिटनेस 14 फरवरी 2026 तक है और इश्योरेंस भी 12 फरवरी 2026 तक थी. उन्होंने बताया कि 39 सीटर यह बस थी. दैनिक जागरण से बातचीत में उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों जांच के लिए टीम मौके पर भेजी गई है.
हिमाचल में बस हादसे में मारे गए लोगों की लिस्ट.
मंत्री ने कहा कि त्योहारों के मौसम में भी यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता और भविष्य में इस तरह की लापरवाही रोकने के लिए राज्य स्तर पर सख्त दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे. गौरतलब है कि सिरमौर में माघी का त्यौहार भी अब शुरू हुआ है और वीकएंड, लोहड़ी समेत चार छुट्टियों की वजह से भी लोग घरों को लौट रहे थे. स्वास्थ्य मंत्री ने माना कि बस ओवरलोड थी और इसमें 50 से अधिक लोग सवार थे.
पिता पुत्र, छह माह की बेटी और ड्राइवर समेत 14 लोगों की मौत
बस हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत हुई है, इनमें पिता-पुत्र, छह माह की बच्ची और ड्राइवर समेत अन्य लोगों की मौत हुई है. अहम बात है कि हादसे में 7 महिलाओं और दो बच्चों की भी जान चली गई है. एक मृतक महिला की पहचान नहीं हो पाई है और बाकी सभी 13 शवों की पहचान हो गई है. मतृक सिरमौर जिले के कुपवी और आसपास के इलाकों के ही रहने वाले हैं.

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