जिले के करीब 45 हज यात्री इन दिनों सऊदी अरब के मक्का में फंसे हुए हैं। क्षेत्रीय तनाव और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण उड़ानों के रद्द होने से उनकी भारत वापसी टल गई है। यात्री अभी वहां एक होटल में ठहरे हुए हैं और स्थिति को लेकर चिंता जता रहे हैं।
यात्रियों ने होटल का वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि उन्हें होटल में गुणवत्ताहीन भोजन दिया जा रहा है। उनके अनुसार होटल में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी ठहरे हुए हैं, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है। यात्रियों ने सुरक्षा को लेकर भी आशंका जताई है, हालांकि मक्का शहर में फिलहाल किसी सीधे हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
ट्रैवल एजेंसी के मैसेज से बढ़ी नाराजगी
इधर मुंबई स्थित ट्रैवल एजेंसी फिटराइट इंटरनेशनल की ओर से भेजे गए संदेश में कहा गया है कि यात्रियों का पैकेज 28 फरवरी 2026 तक ही वैध था। इसके बाद आवास और भोजन की जिम्मेदारी एजेंसी की नहीं होगी। एजेंसी ने प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 3000 रुपये अतिरिक्त शुल्क पर व्यवस्था जारी रखने का विकल्प दिया है। कंपनी के इस संदेश के बाद यात्रियों में नाराजगी देखी जा रही है।
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सरकार से मदद की मांग
फंसे यात्रियों ने भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय और केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि विशेष राहत या इवैक्यूएशन फ्लाइट की व्यवस्था की जाए अथवा सुरक्षित वैकल्पिक ठहराव उपलब्ध कराया जाए। नागौर में परिजनों ने जिला प्रशासन से भी इस मामले को उच्च स्तर पर उठाने की अपील की है।
गौरतलब है कि क्षेत्रीय तनाव के कारण एयर इंडिया, इंडिगो सहित कई एयरलाइंस की उड़ानें प्रभावित हुई हैं। जेद्दा और मक्का से संचालित कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द या स्थगित हैं, जिससे विभिन्न राज्यों के उमरा और हज यात्री भी फंसे हुए हैं। भारतीय दूतावास ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है, हालांकि अब तक विशेष इवैक्यूएशन फ्लाइट की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
सभी की निगाहें भारत सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि फंसे यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।
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