राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नागौर लोकसभा सांसद हनुमान बेनीवाल ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट 2026-27 को पूरी तरह निराशाजनक करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस बजट ने देश के गांवों, गरीबों, किसानों और युवाओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। महंगाई, बेरोजगारी और मध्यम तथा निम्न आय वर्ग के मुद्दों पर कोई ठोस राहत या नीतिगत उपाय नहीं दिखाई दिए।
बेनीवाल ने विशेष रूप से राजस्थान के संदर्भ में बजट की आलोचना की। उन्होंने कहा, लंबे समय से राजस्थान को विशेष राज्य का दर्जा और भौगोलिक स्थिति को देखते हुए विशेष पैकेज की मांग की जा रही है, लेकिन एनडीए सरकार ने एक बार फिर राजस्थान की जनता को निराश किया। दुर्भाग्य की बात है कि वित्त मंत्री के बजट भाषण में राजस्थान का नाम तक नहीं लिया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार 2047 तक विकसित भारत की बात करती है, लेकिन वर्तमान में जनता को त्वरित राहत देने के किसी भी उपाय पर चुप्पी साध ली गई है।
रेल मंत्री के गृह राज्य की अनदेखी पर गुस्सा
सांसद बेनीवाल ने रेलवे बजट की घोषणाओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा,रेल मंत्री खुद मारवाड़ से हैं और रेल राज्य मंत्री भी राजस्थान से राज्यसभा सांसद हैं, लेकिन सात हाई-स्पीड कॉरिडोर की घोषणा में राजस्थान का जिक्र तक नहीं है। यह राज्य की अनदेखी का स्पष्ट उदाहरण है।
किसानों और युवाओं के हितों की अनदेखी
हनुमान बेनीवाल ने किसानों और युवाओं के मुद्दों को सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बजट में किसानों की कर्ज माफी का कोई रोडमैप नहीं है। युवाओं को स्थायी रोजगार देने की कोई ठोस योजना भी नजर नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक आंकड़ों की पारदर्शिता और जनता के बीच भरोसे में भी कमी दिखाई दे रही है।
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बेनीवाल की यह प्रतिक्रिया बजट पेश होने के तुरंत बाद आई है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार से राजस्थान के लिए विशेष ध्यान देने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रदेश की रेगिस्तानी भौगोलिक स्थिति, जल संकट और अन्य चुनौतियों को देखते हुए विशेष पैकेज अनिवार्य है, लेकिन बजट में इन पर कोई विचार नहीं किया गया।
यह बजट आम जनता के लिए निराशा का सबब बना है, जबकि सरकार को किसान, युवा और गरीबों की वास्तविक समस्याओं पर फोकस करने की जरूरत थी। हनुमान बेनीवाल जैसे जननेता की यह कड़ी आलोचना राजस्थान की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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