Muzaffarpur Textile-Leather Cluster: मुजफ्फरपुर के बेला औद्योगिक क्षेत्र में बियाडा द्वारा टेक्सटाइल क्लस्टर का विस्तार हो रहा है. जिससे 10 नए शेड बनेंगे और लगभग 5000 लोगों को रोजगार मिलेगा. बेला औद्योगिक क्षेत्र में टेक्सटाइल के साथ-साथ लेदर क्लस्टर का विकास भी तेजी से हो रहा है. वर्तमान में लेदर क्लस्टर के 24 शेड में उत्पादन कार्य चल रहा है.
टेक्सटाइल क्लस्टर की कुल क्षमता होगी 25
बियाडा के अधिकारियों के अनुसार बेला औद्योगिक क्षेत्र को टेक्सटाइल और लेदर क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है. टेक्सटाइल क्लस्टर में पहले ही 15 शेड का निर्माण कराया जा चुका है. जहां विभिन्न यूनिटों के माध्यम से उत्पादन कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहा है. अब 10 नए शेड जुड़ने के बाद टेक्सटाइल क्लस्टर की कुल क्षमता बढ़कर 25 शेड की हो जाएगी. जिससे यह क्लस्टर और अधिक सशक्त रूप ले सकेगा.
प्रत्येक शेड से 500 लोगों को मिलेगा रोजगार
बियाडा के उपमहाप्रबंधक नीरज मिश्रा ने बताया कि प्रत्येक शेड में औसतन करीब 500 लोगों को रोजगार देने की क्षमता होगी. इस तरह 10 नए शेडों के निर्माण के बाद लगभग 5,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है. उन्होंने बताया कि देश की कई बड़ी रेडीमेड वस्त्र निर्माण करने वाली कंपनियां बेला टेक्सटाइल क्लस्टर से जुड़ने में रुचि दिखा रही हैं. इसके लिए लगातार संपर्क कर रही हैं.
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बिहार के कुशल कारीगरों और श्रमिकों को उनके गृह क्षेत्र में ही रोजगार उपलब्ध कराना है. ताकि उन्हें काम की तलाश में दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों की ओर पलायन न करना पड़े. स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से न सिर्फ परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि सामाजिक स्थिरता भी बढ़ेगी.
टेक्सटाइल-लेदर क्लस्टर का विकास तेजी से
बेला औद्योगिक क्षेत्र में टेक्सटाइल के साथ-साथ लेदर क्लस्टर का विकास भी तेजी से हो रहा है. वर्तमान में लेदर क्लस्टर के 24 शेड में उत्पादन कार्य चल रहा है, जहां लगभग एक हजार जीविका दीदियों को रोजगार मिला हुआ है. महिला उद्यमी योजना के तहत भविष्य में लेदर क्लस्टर के और विस्तार की भी तैयारी की जा रही है.
महिलाओं के लिए ये खास व्यवस्था
कामकाजी महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए क्लस्टर परिसर में उनके बच्चों की शिक्षा के लिए प्ले स्कूल की व्यवस्था की गई है, ताकि महिलाएं निश्चिंत होकर कार्य कर सकें. इसके अलावा श्रमिकों के लिए कैंटीन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
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