भिंड जिले की अटेर सीट से कांग्रेस विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के इस्तीफे को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस्तीफे की चर्चाओं के बीच कटारे ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट कर अपनी स्थिति स्पष्ट की और कहा कि उनकी ताकत किसी पद से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से आती है। बता दें कि एक दिन पहले ही कटारे ने उप नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा दिया है।
पहले पढ़िए हेमंत कटारे का फेसबुक पोस्ट
कटारे ने लिखा कि कांग्रेस उनके स्वर्गीय पिता की विरासत है। फोन न उठाने को लेकर लग रहे कयासों पर उन्होंने कहा कि शादी की सालगिरह पर परिवार के साथ समय बिताना कोई साजिश नहीं, बल्कि उनका अधिकार है।
उन्होंने विपक्षी दल पर निशाना साधते हुए लिखा कि सोमवार से सदन में पूरी तैयारी और दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहेंगे तथा सरकार के भ्रष्टाचार और विभिन्न मुद्दों पर आवाज उठाएंगे।
पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि गोमांस, इंदौर के भागीरथपुरा, शंकराचार्य के अपमान और जहरीली हवा-दवा-पानी जैसे मुद्दों पर वे सरकार को घेरेंगे। अंत में लिखा- “मैं पद से नहीं, जनता के विश्वास से ताकत लेता हूं, वही मेरी सबसे बड़ी शक्ति है।” जीतू पटवारी बोले- ट्वीट में सब स्पष्ट
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से जब इस्तीफे को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि कटारे ने अपने ट्वीट में सारी बातें साफ कर दी हैं। पटवारी के मुताबिक लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि जनता के विश्वास से ही काम करता है और कटारे ने जो कहना था, सार्वजनिक रूप से कह दिया है। हरीश चौधरी बोले- नियुक्ति AICC की, फैसला भी वहीं होगा
उप नेता प्रतिपक्ष पद से हेमंत कटारे के इस्तीफे के बाद कांग्रेस में जारी चर्चाओं के बीच प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया है। भास्कर से बातचीत में चौधरी ने कहा कि कांग्रेस के हर कार्यकर्ता से उनका संवाद होता है और हेमंत कटारे वरिष्ठ नेता हैं, उनसे पहले भी बात होती रही है और आगे भी होती रहेगी।
नियुक्ति राष्ट्रीय स्तर से, फैसला भी वहीं
चौधरी ने स्पष्ट किया कि कटारे की नियुक्ति अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने की थी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन्हें पद दिया था, इसलिए इस्तीफा स्वीकार करने का अधिकार भी राष्ट्रीय अध्यक्ष को ही है। उन्होंने बताया कि वे दिल्ली में हुई बैठक में शामिल थे और इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर प्रक्रिया चल रही है।
आंतरिक प्रक्रिया सार्वजनिक करना संभव नहीं
मीडिया के सवालों पर चौधरी ने कहा कि क्या हर आंतरिक प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाए? उन्होंने कहा कि कटारे ने इस्तीफा किन परिस्थितियों में दिया, इसकी जानकारी उन्होंने पार्टी नेतृत्व को दे दी है और जो संदेह थे, उनका जवाब भी उन्होंने ट्वीट के माध्यम से सार्वजनिक कर दिया है।
चौधरी ने जोर देकर कहा कि पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र की अपनी मर्यादा होती है और हर चरण को सार्वजनिक करना उचित नहीं है।
संवाद जारी रहने की बात
प्रदेश प्रभारी ने दोहराया कि कांग्रेस में संवाद की परंपरा है और हर कार्यकर्ता से लगातार बातचीत होती है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में भी संवाद जारी है और अंतिम निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व ही करेगा।
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