खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के बजट सत्र में शामिल होने को लेकर दायर याचिका पर आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पंजाब सरकार को आदेश दिया कि इस मामले में सक्षम प्राधिकारी (कंपीटेंट अथॉरिटी) सात दिनों के भीतर निर्णय ले। इसके बाद अदालत ने याचिका का निपटारा कर दिया। गौरतलब है कि बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होना है। जज ने सुनवाई से खुद को अगल किया था इससे पहले जब हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई थी। उस समय एक जज ने स्वयं को इस केस से अलग कर लिया । इसके बाद आज फिर सुनवाई हुई। जिसमें अदालत ने सात दिनों में फैसला लेने के आदेश दिए थे। साथ ही याचिका का निपटारा कर दिया । इससे पहले भी वह दो बार सेशन में जाने की याचिका लगा चुके है। लेकिन उन्हें मंजूरी नहीं मिली थी। जेल से लिखा स्पीकर और गृहमंत्री को पत्र अमृतपाल सिंह की तरफ से अपने वकीलों के माध्यम से यह याचिका हाईकोर्ट में लगाई गई । एडवोकेट इमान सिंह खारा ने बताया कि अमृतपाल सिंह की तरफ से 17 जनवरी को जेल से ही डीसी अमृतसर, होम सेक्रेटरी पंजाब, केंद्रीय गृहमंत्री और लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा गया है। जिसमें उन्होंने साफ कहा कि उन्हें संसद के सेशन में शामिल होना है, क्योंकि वह अपने एमपी लैंड फंड का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। दूसरा, उनके इलाके में गंभीर बाढ़ आई हुई थी, जिसकी वजह से काफी नुकसान हुआ है। इस मामले को भी उन्हें उठाना है। इसके अलावा बॉर्डर एरिया में नशे आदि की दिक्कत भी काफी है। ऐसे में उन्हें मंजूरी दी जानी चाहिए। पिछली बार नहीं मिल पाई मंजूरी एडवोकेट ने बताया जब पिछली बार विंटर सेशन चल रहा था। उस समय जो याचिका लगाई गई थी। उस समय वकीलों की हड़ताल चल रही थी। जब केस की सुनवाई हुई थी, तो उसमें एक दिन ही दिन शेष रह गया था। ऐसे में कोर्ट ने उन्हें दोबारा याचिका लगाने की अनुमति दी थी। जिसके चलते ही हमने यह याचिका लगाई है। याद रहे कि अमृतपाल ने जेल से ही इलेक्शन लड़ा था और चुनाव जीता था। जब से उन पन एनएसए लगा है। तब सह वह बाहर नहीं आ आ है।
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