महिला उत्पीड़न, धोखाधड़ी और जातिसूचक अपमान से जुड़े एक मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने मोहाली के एसएसपी से पूरे मामले की जांच कर दो सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी है। एनएचआरसी ने कहा है कि मामला गंभीर है, इसलिए पुलिस की भूमिका की भी जांच की जाएगी। अगर जांच में लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला मोहाली निवासी महिला की शिकायत पर आधारित है, जिसमें उसने आरोप लगाया है कि उसके रिश्तेदार (जीजा के भाई) ने शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए, उससे पैसे लिए, जातिसूचक गालियां दीं, गर्भनिरोधक गोलियां जबरन खिलाईं और शारीरिक मारपीट की। बाद में आरोपी ने महिला को ब्लॉक कर किसी और से सगाई कर ली। पुलिस और महिला सेल पर भी उठे सवाल शिकायत में महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसने स्थानीय पुलिस और महिला सेल में कई बार शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे उसे मानसिक, भावनात्मक और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। महिला ने आयोग से आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। एनएचआरसी ने शिकायत पर विचार करने के बाद कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोप पहली नजर में मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़े दिखाई देते हैं। इसी आधार पर आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत इस मामले को अपने संज्ञान में लिया है। SSP को जांच के निर्देश आयोग ने मोहाली के SSP को आदेश दिए हैं कि मामले की सही और निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच की रिपोर्ट आयोग को भेजी जाए। यह रिपोर्ट केवल HRCNet पोर्टल पर ही अपलोड करनी होगी, ई-मेल से भेजी गई रिपोर्ट मान्य नहीं होगी।
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