Justice Chandrachud News: जयपुर साहित्य महोत्सव में पूर्व सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट के चुनावी बांड, महिलाओं को स्थायी कमीशन, समलैंगिकता फैसलों को परिवर्तनकारी बताया और न्यायपालिका में पारदर्शिता पर जोर दिया. उमर खालिद की जमानत नामंजूर किए जाने की पृष्ठभूमि में जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि दोषसिद्धि से पहले जमानत प्राप्त करना एक नागरिक का अधिकार है.
सेवानिवृत्ति के बाद कोई पद नहीं लेने संबंधी सवाल पर न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि इस समय वह बतौर नागरिक जिंदगी का आनंद उठा रहे हैं. उनसे उनके कार्यकाल के दौरान किसी मामले को लेकर अफसोस होने संबंधी सवाल पर जस्टिस चंद्रचूड़़ ने कहा कि देश को आजाद हुए 76 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी वैवाहिक बलात्कार को अपराध की श्रेणी में नहीं लाया जा सका है. उन्होंने इसके लिए कानून में बदलाव की पुरजोर वकालत की. साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को जनता का न्यायालय बनाने के अपने प्रयासों पर खुशी जाहिर की. उनके कार्यकाल में ही सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का सीधा प्रसारण न केवल हिंदी भाषा में, बल्कि संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्ज सभी भारतीय भाषाओं में शुरू किया गया.
छात्र नेता उमर खालिद की जमानत नामंजूर किए जाने की पृष्ठभूमि में देश में उदारवादी मूल्यों के खतरे में पड़ने की चिंताओं के बीच जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि दोषसिद्धि से पहले जमानत प्राप्त करना एक नागरिक का अधिकार है. इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जिन मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा शामिल हो, उनमें इस प्रकार की राहत देने से पूर्व मामले की गहराई से पड़ताल की जानी चाहिए. साल 2020 के दिल्ली दंगों संबंधी षड्यंत्र के मामले में जेल में बंद उमर खालिद और साथी कार्यकर्ता शरजील इमाम को जमानत देने से इंकार करते हुए शीर्ष अदालत ने पांच जनवरी को कहा था कि वे उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की ‘साजिश रचने, लोगों को एकत्र करने और रणनीति’ बनाने में शामिल थे.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
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