हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के करसोग उपमंडल में स्थित तुंमन (Tummun) गांव के लिए 31 दिसंबर 2025 का दिन ऐतिहासिक बन गया. आज़ादी के करीब 78 वर्षों बाद पहली बार हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस इस दुर्गम गांव तक पहुंची. जैसे ही बस गांव में दाखिल हुई, ग्रामीणों की खुशी देखते ही बनती थी.
भव्य स्वागत, जश्न का माहौल
गांव में पहली बार बस पहुंचने पर ग्रामीणों ने इसे किसी उत्सव की तरह मनाया. बस का रिबन काटकर उद्घाटन किया गया, उसे फूलों की मालाएं पहनाई गईं और मिठाइयां बांटी गईं. बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक हर किसी के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी. ग्रामीणों ने इसे अपने गांव के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया.
वर्षों पुरानी परेशानी से मिली राहत
अब तक तुंमन गांव के लोगों को रोजमर्रा के कामों, इलाज, पढ़ाई और सरकारी कामकाज के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी या फिर निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था. बस सेवा शुरू होने से खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी. ग्रामीणों का कहना है कि इससे न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि खर्च भी कम होगा और आपात स्थिति में बाहर पहुंचना आसान हो जाएगा.
ट्रायल सफल, जल्द शुरू होगी नियमित सेवा
HRTC अधिकारियों के मुताबिक, इस रूट पर बस का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. यह गांव आनी बस अड्डा से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. अंतिम औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद इस रूट पर नियमित बस सेवा शुरू कर दी जाएगी. करसोग उपमंडल के ही तलैहन (Talaihan) गांव में भी अप्रैल 2023 में आज़ादी के सात दशकों बाद पहली बार बस सेवा शुरू हुई थी. तुंमन गांव तक बस पहुंचना इसी कड़ी में ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की एक और बड़ी पहल मानी जा रही है.
ग्रामीणों ने जताया आभार
तुंमन गांव के लोगों ने प्रदेश सरकार और HRTC का आभार जताते हुए कहा कि यह सुविधा गांव के सामाजिक और आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएगी. ग्रामीणों को उम्मीद है कि आने वाले समय में सड़क, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार होगा.
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