Makar Sankranti Today: सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ आज मकर संक्रांति का पावन पर्व मनाया जा रहा है. गंगा सागर समेत पवित्र नदियों में स्नान कर श्रद्धालु पुण्य लाभ और मोक्ष की कामना कर रहे हैं.
मकर संक्रांति के दिन गंगा में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है. शास्त्रों में वर्णित है कि इस दिन गंगा जल में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के दोष, ग्रह बाधाएं और मानसिक अशांति दूर होती है. माना जाता है कि गंगा स्नान से न केवल शरीर शुद्ध होता है. बल्कि आत्मा भी पवित्र होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
बंगाल के गंगासागर में डुबकी लगाने का है अलग महत्व
विशेष रूप से पश्चिम बंगाल स्थित गंगा सागर को इस दिन अत्यंत पवित्र तीर्थ माना गया है. गंगा सागर वह स्थल है. जहां मां गंगा का मिलन समुद्र से होता है. मकर संक्रांति के अवसर पर यहां लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने पहुंचते हैं. विशेषकर यहां झारखंड, बिहार, बंगाल के लोग स्नान करने गंगासागर जरूर पहुंचते है. धार्मिक विश्वास है कि गंगा सागर में स्नान करने से व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है.
जानें क्या है पौराणिक कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार राजा सगर के 60 हजार पुत्र कपिल मुनि के श्राप से भस्म हो गए थे. उनके उद्धार के लिए राजा भगीरथ ने कठोर तपस्या कर मां गंगा को पृथ्वी पर अवतरित किया. मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन ही गंगा सागर में स्नान और पिंडदान के माध्यम से सगर पुत्रों को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी. तभी से इस दिन तिलांजलि, पिंडदान और दान-पुण्य की परंपरा चली आ रही है.
मकर संक्रांति के दिन तिल, गुड़, कंबल और अन्न का दान करने से पितरों को शांति मिलती है. साथ ही घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. कुल मिलाकर मकर संक्रांति पर गंगा स्नान न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह आत्मिक शुद्धि, पाप मुक्ति और मोक्ष की कामना का भी महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है.
About the Author
बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटेंट राइटर…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.