सीएम बोले- माइलस्टोन के रूप में जाने जाएंगे लिए गए फैसले
मुख्यमंत्री मोहन यादव
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मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने की संकल्प को विधानसभा की पटल पर रखा। विधानसभा में मध्य प्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने का संकल्प पारित हुआ। इस पर आज चर्चा के लिए 7 घंटे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा यह सदन 70 वर्षों में जनता के विश्वास के रूप में परिलक्षित हुआ है। अध्यक्ष जी अभी-अभी हमारी सरकार ने दो साल का कार्यकाल पूरा किया है। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि हम सबने मिलकर न सिर्फ दूरगामी परिणाम के निर्णय लिए, बल्कि कई ऐसे निर्णय लिए जो माइलस्टोन के रूप में जाने जाएंगे, जो जनता के जीवन के बदलाव का हिस्सा बनेंगे। 11 दिसंबर को लाल सलाम को आखिरी सलाम किया। यह हमारे लिए गौरव की बात है।
विकास के लिए दोनों दलों के सुझाव जरूरी
यह तकनीक का क्षेत्र है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लोगों को हर क्षेत्र में चुनौती दे रहा है। मध्य प्रदेश की 8 करोड़ जनता के लिए प्रत्येक क्षेत्र में गतिशीलता लाना तभी संभव है, जब पक्ष-विपक्ष के दोनों दलों के विधायक मध्य प्रदेश विजन 2047 के लिए रचनात्मक चर्चा करें। हमें यह चर्चा करनी है कि अगले 25 वर्षों के विकास में हम कब कैसे और कहां पहुंचेंगे। पक्ष-विपक्ष दोनों की सकारात्मक सुझाव के आकांक्षाओं को साकार करने के जनता के प्रतिनिधि की रूप में महत्वपूर्ण दायित्व है। इन दायित्व को निभाकर हम लोगों की उम्मीद पर खरा उतर सकेंगे।
अध्यक्ष नरेंद्र सिंह बोले- जनता की आकांक्षाओं और अभिलाषाओं पर होगी चर्चा
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विशेष सत्र की बैठक पर मध्य प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के संबंध में चर्चा की जाएगी। हम सभी जानते हैं कि यह वर्ष वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने का भी है। मध्य प्रदेश के 8 करोड़ जनता की आकांक्षाओं और अभिलाषाओं को पूर्ण करने के लिए यह विशेष सत्र आयोजित किया गया है। 191 बाद विधानसभा के विशेष सत्र आयोजित हो चुके हैं। यह चौथा विशेष सत्र है। इससे पहले आजादी के 50 वर्ष पूर्ण होने पर दूसरा मध्य प्रदेश देश से छत्तीसगढ़ विभाजन और तीसरा सत्र 2015 में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज जी सिंह चौहान के समय आयोजित किया गया था। यह चौथा विशेष सत्र है।
श्रद्धांजलि सभा के साथ शुरू हुई कार्यवाही
मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही में सबसे पहले श्रद्धांजलि सभा की गई। लोकसभा के महत्वपूर्ण अध्यक्ष शिवराज वि पाटिल, भूतपूर्व राज्यपाल मिजोरम स्वराज कौशल, लोकसभा के भूतपूर्व सदस्य डॉक्टर रामविलास वेदांती और 10 दिसंबर 2025 को नेशनल हाईवे 44 पर बम डिस्पोजल स्क्वाड के वाहन की कंटेनर से भिड़ंत में जवान की मौत पर सभी ने शोक व्यक्त किया और श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बाबा महाकाल से सभी को मोक्ष प्रदान करने की कामना की। नेता प्रतिपक्ष ने भी मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
गरिमामयी पद पर अब तक 19 अध्यक्ष
अब तक मध्य प्रदेश में 16 विधानसभा गठित हो चुकी हैं और वर्तमान में 16वीं विधानसभा कार्यरत हैं। प्रदेश के विकास, जनकल्याण और नीतिगत निर्णयों में विधानसभा एवं जनप्रतिनिधियों की अहम भूमिका रही है। अब तक 19 विधानसभा अध्यक्ष इस गरिमामयी पद पर आसीन रह चुके हैं।
दिसंबर 1956 से जनवरी 1957 में हुआ पहला सत्र

बीते दौर की तस्वीर।
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राज्य पुनर्गठन आयोग की अनुशंसा के तहत 1 नवंबर 1956 को मध्य प्रदेश राज्य का गठन किया गया था। इसके बाद 17 दिसंबर 1956 से 17 जनवरी 1957 तक मध्य प्रदेश विधानसभा का पहला सत्र आयोजित हुआ, जिसने प्रदेश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव रखी और विधायी परंपराओं की शुरुआत की।
09:54 AM, 17-Dec-2025
विकसित मध्य प्रदेश का लक्ष्य सामूहिक जिम्मेदारी

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर।
– फोटो : अमर उजाला
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि 17 दिसंबर प्रदेश के विधायी इतिहास का महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि इसी दिन 1956 में विधानसभा की पहली बैठक हुई थी। विशेष सत्र में भाजपा और कांग्रेस के सदस्य प्रदेश के विकास को लेकर अपने विचार रखेंगे। अध्यक्ष तोमर ने कहा कि प्रदेश ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन विकसित मध्य प्रदेश का लक्ष्य प्राप्त करना सभी जनप्रतिनिधियों और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
09:20 AM, 17-Dec-2025
MP Assembly Special Session Live: CM ने रखा आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य का संकल्प, बोले- लाल सलाम को आखिरी सलाम
मध्य प्रदेश विधानसभा की 69वीं वर्षगांठ पर 17 दिसंबर को एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। यह सत्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की पहल पर बुलाया गया है, जो विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध मध्यप्रदेश के विजन को समर्पित होगा।