मधुबनी के बिस्फी थाना क्षेत्र में एसएच 75 पर सादुल्लाहपुर और आलम चौक के बीच हुई लूटपाट और गोलीबारी की घटना झूठी निकली। पुलिस जांच में सामने आया कि यह घटना हथियार के ट्रायल के दौरान लापरवाही से गोली चलने के कारण हुई थी, जिसमें दो लोग घायल हो गए। बेनीपट्टी एसडीपीओ अमित कुमार ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में प्रेस को बताया कि रणवीर सहनी ने पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी। उसने दावा किया था कि अपराधियों ने उसे गोली मारी है। लापरवाही से चली पिस्टल, हाथ में लगी गोली पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रणवीर सहनी हथियार का ट्रायल कर रहा था। इसी दौरान लापरवाही से पिस्टल से गोली चल गई। गोली रणवीर सहनी के हाथ में लगी, जबकि आदित्य कुमार ठाकुर की जांघ और प्राइवेट पार्ट में चोट आई। दोनों घायलों का इलाज डीएमसीएच दरभंगा में किया गया। घटना की सूचना मिलने पर बिस्फी के थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अविनाश कुमार, एसआई अरविंद कुमार और पुलिस दल डीएमसीएच दरभंगा पहुंचा। उन्होंने घायलों से मिलकर विस्तृत जानकारी ली और गहन जांच-पड़ताल के बाद घटना का सच सामने आया। लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज एसडीपीओ ने बताया कि इस मामले में घायल सादुल्लाहपुर पंचायत के पोखरौनी गांव निवासी आदित्य कुमार ठाकुर के लिखित आवेदन पर रणवीर सहनी के खिलाफ बिस्फी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आदित्य ने अपनी शिकायत में बताया कि 11 मार्च की रात करीब 9:30 बजे रणवीर सहनी उसे घर से बुलाकर टेकटार के मिथिला ढाबा ले गया, जहां दोनों ने खाना खाया। इसके बाद रणवीर उसे गांव के राम जानकी मंदिर के पास आम के बगीचे में ले गया। वहां उसने जमीन में खोदकर रखी एक पिस्टल निकाली और कहा कि उसे एक लड़के को मारना है। सड़क पर आकर रणवीर पिस्टल दिखाने और उसे जोड़ने-खोलने लगा, तभी अचानक गोली चल गई। गोली रणवीर के हाथ में लगी और जमीन से टकराकर आदित्य की जांघ व प्राइवेट पार्ट में जा लगी। पुलिस ने रणवीर सहनी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
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