पंजाब के लुधियाना में 4 दिन पहले MBA स्टूडेंट की हत्या के मामले में चली रही जांच में नया खुलासा हुआ है। जिस दोस्त ने राजबीर सिंह को गोली मारी है वो उसके साथ पार्टनरशिप में कारोबार शुरू करने की प्लानिंग कर रहा था। दोनों ने जल्दी ही स्पेयर पार्ट्स का काम शुरू करना था। पुलिस जांच में पता चला है कि हत्या वाले दिन दोनों एक ही कार में गए और उनकी पैसे के लेन-देन को लेकर आपस में पहले बहस हुई। बहस बढ़ते बढ़ते दोनों में झड़प हो गई और इसी दौरान आरोपी जुगाद सिंह ने राजवीर सिंह खैहरा को गोली मार दी। राजवीर सिंह व जुगाद सिंह दोनों पंजाब यूनिवर्सिटी के रीजनल सेंटर, एक्सटेंशन लाइब्रेरी, लुधियाना से MBA की पढ़ाई कर रहे थे। MBA में एडमिशन करने के बाद ही दोनों एक दूसरे को मिले और फिर दोनों ने मिलकर कारोबार करने की प्लानिंग बनाई। दो महीने पहले से घर आना-जाना शुरू हुआ राजवीर सिंह और जुगाद सिंह दोनों काफी समय से दोस्त हैं लेकिन दो महीने से उनका एक दूसरे के घर आना जाना शुरू हुआ। राजवीर सिंह ने जुगाद सिंह को दो महीने पहले घर बुलाकर अपने माता पिता से मिलवाया था और उन्हें कहा था कि यह उसके साथ पढ़ता है। जुगाद सिंह के पास था असला मृतक के पिता जसवीर सिंह (उम्र 58), निवासी जगजीत नगर, थरीके रोड लुधियाना ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि करीब दो महीने पहले जुगाद सिंह सेखों उनके घर आया था और उस समय उनके पास हथियार भी था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि जुगाद सिंह के असला की भी जांच कर रही है। जुगाद सिंह हत्या के दिन कार में बैठाकर ले गया राजवीर के पिता ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि हत्या वाले दिन जुगाद सिंह अपनी कार पर उनके घर के बाहर आया और उसने राजवीर को बुलाया। उस समय दिन में लगभग 12 बज रहे थे। दोनों कहां गए उन्हें नहीं पता। शाम को 4:50 बजे राजवीर के मोबाइल फोन से परिवार को कॉल आई, जिसमें उन्हें DMC अस्पताल लुधियाना पहुंचने को कहा गया। जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों ने बताया कि राजवीर सिंह की गोली लगने से मौत हो चुकी है। पिता के बयान पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया है। बहस हुई और उसके बाद आरोपी ने चला दी गोली पीएयू थाना के इंस्पेक्टर विजय कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पर्चा दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की विशेष रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों व क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट को भेज दी गई है। मामले की जांच अभी चल रही हे। अब तक की जांच में पता चला है कि दोनों कारोबार शुरू कर रहे थे और कुछ पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ। विवाद ज्यादा बढ़ा तो आरोपी ने उसे गोली मार दी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे हुआ था मर्डर… परिवार कारोबारी, इकलौता बेटा था: राजवीर का परिवार कारोबारी है। उनकी मोगा में पहले इंडिया मोटर्स ऑटो एजेंसी थी। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और एमबीए की पढ़ाई कर रहा था। राजवीर को उसका दोस्त घर से बुलाकर ले गया था। राजवीर ने घर से जाते वक्त भी बताया था कि वह एक दोस्त के साथ जा रहा है। गांव तलवाड़ा में मारी गई गोली: पीएयू पुलिस स्टेशन के एसएचओ विजय कुमार ने बताया कि गांव तलवाड़ा के रहने वाले लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी कि एक युवक खून से लथपथ सड़क पर पड़ा है। उसे किसी ने गोली मारी है। हमलावर भाग चुके है। पुलिस लेकर आई डीएमसी: सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को उठाकर डीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया। इसमें करीब 20 से 25 मिनट लग गए। डीएमसी पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई थी। पेट में लगी थी गोली: एसएचओ विजय कुमार ने बताया कि युवक राजबीर को पेट में गोली लगी थी, जो नाभि से 4 इंच नीचे लगी थी। युवक की पहचान होने के बाद उसके परिवार को सूचना दी गई। परिवार वालों ने दोस्त पर ही हत्या का शक जताया था। आरोपी को गिरफ्तार करके उससे पूछताछ में उक्त खुलासे हुए हैं।
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