लुधियाना इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट(LIT) प्राइमरी स्कूल के लिए रिजर्व जमीन का चेंज ऑफ लैंड (CLU) बदलकर उसे रिहायशी जमीन में तब्दील कर रहा है। LIT ने बाकायदा इसके लिए एक पब्लिक नोटिस भी जारी कर दिया है और लोगों से इस पर ऑब्जेक्शन मांगे हैं। जैसे ही LIT का पब्लिक नोटिस जारी हुआ लोगों ने उसका विरोध करना शुरू कर दिया। LIT प्राइमरी स्कूल की जगह को रिहायशी प्लाट में तब्दील करके मोटा मुनाफा कमाना चाहता है। वहीं पब्लिक LIT के इस कदम को गैरकानूनी बताकर इसे भविष्य के लिए खतरा बता रही है। पब्लिक का तर्क है कि अगर आज स्कूल की जमीन को रिहायशी में तब्दील कर दिया तो कल को स्कूल कहां बनेगा। सोशल वर्कर कुलदीप खैहरा ने पब्लिक से अपील की है कि इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट ने प्राइमरी स्कूल का CLU बदलने को लेकर ऑब्जेक्शन मांगे हैं तो ज्यादा से ज्यादा लोग अपने ऑब्जेक्शन फाइल करें ताकि सरकार को रोका जा सके। रिहायशी प्लाट या फ्लैट बनाने का फैसला ट्रस्ट ने जो पब्लिक नोटिस जारी किया है उसके मुताबिक 12 सितंबर 2025 को हुई बैठक में प्राइमरी स्कूल के लिए रिजर्व रखी जमीन का CLU करने का फैसला किया गया। इस फैसले के मुताबिक इस जगह पर रिहायशी प्लाट या फ्लैट बनाए जाएंगे। ट्रस्ट ने पब्लिक नोटिस जारी कर 30 दिन के भीतर लोगों को अपने ऑब्जेक्शन लिखित तौर दफ्तर में जमा करवाने को कहा है। प्राइमरी स्कूल की जमीन का CLU करना कानून का उल्लंघन सोशल वर्कर व आरटीआई एक्टिविस्ट कुलदीप सिंह खैहरा का कहना है कि स्कूलों के लिए रिजर्व जमीन का नेचर बदलना सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार आज स्कूलों के लिए रिजर्व जमीनों का नेचर बदलकर उसे बेच देगी तो कल स्कूल कहां बनेंगे। उन्होंने कहा कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के मूल अधिकारों पर सीधा डाका है। आपत्तियां दर्ज करवाएंगे, जरूरत पड़े तो कानूनी लड़ाई लड़ेंगे खैहरा ने लोगों को कहा कि अधिक से अधिक संख्या में अपने ऑब्जेक्शन ट्रस्ट दफ्तर में जमा करवाएं। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ एक स्कूल या एक इलाके का नहीं है, बल्कि कानून के उल्लंघन, सरकारी शक्ति के दुरुपयोग और भविष्य की पीढ़ी के शिक्षा के अधिकारों को कुचलने का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी। राजगुरु नगर में 1.05 एकड़ जमीन है रिजर्व राजगुरु नगर में LIT की 129 एक स्कीम ब्लॉक-A के लेआउट में 1.05 एकड़ जमीन प्राइमरी स्कूल के लिए रिजर्व है। ट्रस्ट ने कई सालों से इस जमीन की ऑक्शन नहीं करवाई और अब इसे रिहायशी में तब्दील करने की प्रक्रिया शुरू की है। 2019 में आखिरी बार इस जमीन की ऑक्शन करवाई गई थी और तब इसकी रिजर्व प्राइस 21740 रुपए प्रति वर्ग गज रखी गई थी। बिल्डरों को फायदा देने की चाल कुलदीप सिंह खैहरा का कहना है कि राजगुरु नगर ब्लॉक-A में स्कूल की जमीन की रिजर्व प्राइस छह साल पहले 21740 रुपए थी। उसके बाद ट्रस्ट ने इसकी रिजर्व प्राइस जारी नहीं की। वहीं दूसरी तरफ वहां पर रिहायशी प्लाटों की रिजर्व प्राइमरी 2025 में जारी नोटिस के हिसाब से 55 हजार रुपए प्रति वर्ग गज है। जबकि मार्केट कीमत इससे कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट स्कूल की जमीन का CLU करके इसे किसी बिल्डर को अंदर खाते रिजर्व प्राइस के आसपास की कीमत पर बेच देगा और बिल्डर फिर मनमाने तरीके से लोगों से रेट वसूलेगा। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को ऐसा करने नहीं दिया जाएगा। लंबे समय से जमीन खाली पड़ी है कोई नहीं आया खरीदार इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के अफसरों का तर्क है कि यह जमीन लंबे समय से खाली पड़ी है। प्राइमरी स्कूल की जमीन की पहले ऑक्शन करवाई थी तो कोई खरीदार सामने नहीं आया। जिसके बाद ट्रस्ट की बैठक में इसके CLU का प्रस्ताव शामिल किया गया था।
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