लुधियाना चंडीगढ़ रोड स्थित मुंडियां कलां चौक पर शनिवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रैफिक पुलिस और खुद को विजिलेंस अधिकारी बताने वाले युवकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाली गाड़ी को रोकने पर युवकों ने गुंडागर्दी की सारी हदें पार कर दीं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोच लिया है। क्या था पूरा मामला शनिवार शाम करीब 5:30 बजे का है। ट्रैफिक पुलिस के एएसआई (ASI) दलीप कुमार अपनी टीम के साथ चौक पर रूटीन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक टाटा इंडिगो कार को रुकवाया गया, जिस पर नियमानुसार हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी थी। जब एएसआई ने कागजात मांगे तो ड्राइवर राज कुमार खत्री ने पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ते हुए कहा मुझे जानते नहीं मैं विजिलेंस विभाग का बड़ा अधिकारी हूं वर्दी उतरवा दूंगा। आईडी कार्ड मांगा तो शुरू कर दी मारपीट मामला तब बिगड़ गया जब पुलिस ने युवक से उसका पहचान पत्र मांग लिया। खुद को फंसता देख राज कुमार और उसके साथ बैठे दो अन्य साथी कार से बाहर निकल आए और गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोपियों ने ड्यूटी पर तैनात एएसआई दलीप कुमार के साथ धक्का-मुक्की की और उनकी वर्दी के ऊपर के दो बटन तोड़ दिए। बीच-बचाव करने आए अन्य कर्मचारियों के साथ भी हाथापाई की गई और उनकी वर्दी फाड़ने की कोशिश हुई। आरोपियों ने न केवल सरकारी ड्यूटी में बाधा डाली बल्कि सरेआम पुलिस की वर्दी का अपमान किया और जान से मारने की धमकियां देते हुए फरार होने की कोशिश की। घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी; इंडिगो कार जब्त मामले को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी कार में सवार होकर भाग निकले लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत वायरलेस पर सूचना दी। अगले ही चौक पर पुलिस ने घेराबंदी कर टाटा इंडिगो गाड़ी को रुकवाया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 (सरकारी कर्मचारी पर हमला करना),धारा 221(सरकारी ड्यूटी में बाधा डालना),धारा 351(2)(आपराधिक धमकी देना),धारा 3(5) (सामूहिक रूप से अपराध को अंजाम देना)धाराओं के तहत केस दर्ज किया है
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