लुधियाना के सिविल अस्पताल में युवक की पिटाई करते हमलावर।
लुधियाना का सिविल अस्पताल मंगलवार रात को उस समय जंग के मैदान में बदल गया, जब मेडिकल करवाने आए दो गुट इमरजेंसी वार्ड के भीतर ही भिड़ गए। हमलावरों के हौंसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने पुलिस की मौजूदगी और डॉक्टरों के डर की परवाह किए बिना एक युवक पर जानले
वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक सिख युवक अपना मेडिकल करवाने के लिए अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती है। इसी दौरान दो युवक वहां पहुंचते हैं और गाली-गलौज शुरू कर देते हैं। देखते ही देखते हमलावर युवक को जोरदार थप्पड़ जड़ देता है और उसे घसीटते हुए दूसरे कमरे में ले जाता है।
हमलावर पीड़ित के बालों को पकड़कर उसे बेरहमी से पीटता है। अस्पताल में मौजूद लोग बीच-बचाव की कोशिश करते रहे, लेकिन हमलावर किसी के रोके नहीं रुका।
क्या है पूरा मामला ?
गांव मेहरबान निवासी गुरमीत सिंह ने बताया कि सारा विवाद पतंग कटने को लेकर शुरू हुआ था। गुरमीत के अनुसार, गांव का ही गागू नामक युवक नशे का आदी है। उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पहले गांव में हमला किया और ईंटें बरसाईं। जिसके बाद हम राजीनामे को तैयार थे, लेकिन बात न बनने पर मैं मेडिकल के लिए सिविल अस्पताल आया। हमलावर मेरा पीछा करते हुए यहां भी आ गए और पुलिस के सामने ही मुझे पीटना शुरू कर दिया।
पीड़ित गुरमीत सिंह जानकारी देते हुए।
अस्पताल की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
पीड़ित ने अस्पताल प्रशासन और वहां तैनात पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुरमीत का कहना है कि जब उसे पीटा जा रहा था तब पुलिस मूकदर्शक बनी रही। सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इस तरह का हमला लुधियाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा सवालिया निशान लगाता है।

पुलिस मुलाजिम भूपिंदर सिंह जानकारी देते हुए
क्या कहती है पुलिस
पुलिस मुलाजिम भूपिंदर सिंह ने बताया कि, हमें सूचना मिली थी कि गांव मेहरबान इलाके में लड़ाई के बाद दो गुट अस्पताल पहुंचे थे। वहां उनके बीच दोबारा झड़प हुई है। फिलहाल दोनों पक्ष को समझा कर शांत कराया गया है। अगर कोई लिखित शिकायत आती है तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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