कनाडा की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस की एक गोपनीय रिपोर्ट में बड़ा और गंभीर दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कनाडा में सक्रिय कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग न सिर्फ उगाही, ड्रग तस्करी और सुपारी किलिंग जैसे संगठित अपराधों में लिप्त है, बल्कि यह गैंग भारत सरकार की ओर से काम कर रहा है।
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब कनाडा भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहा है। ब्रिटिश कोलंबिया के प्रीमियर डेविड एबी भारत दौरे पर हैं और प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भी इस साल भारत यात्रा की योजना बना रहे हैं। दोनों देशों में संबंध काफी सुधरते जा रहे थे लेकिन कनाडा की राष्ट्रीय पुलिस की रिपोर्ट से खटास पैदा हो सकती है।
इससे पहले भी कनाडा सरकार के अधिकारी बिना सबूत के आरोप लगाते रहे हैं जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था और इसका खामियाजा दोनों देशों के नागरिकों को भुगतना पड़ा था।
भारतीय एजेंट करवा रहे टारगेट किलिंग
रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 2023 में विनिपेग में मारे गए सुखदूल सिंह की हत्या की जिम्मेदारी भी बिश्नोई गैंग ने ली थी। सुखदूल सिंह खालिस्तान समर्थक था और भारतीय एजेंसियों की सूची में शामिल था। आरसीएमपी का कहना है कि भारतीय एजेंट बिश्नोई जैसे संगठित आपराधिक नेटवर्क के जरिए कनाडा में टारगेट किलिंग करवा रहे है।
तीन पन्नों के इस आंतरिक दस्तावेज में करीब छह बार भारत सरकार और बिश्नोई गैंग के कथित संबंधों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक बिश्नोई गैंग कनाडा में उगाही, ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और सुपारी किलिंग में सक्रिय रहा है। आरोप है कि इस गैंग का इस्तेमाल प्रो-खालिस्तान नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए किया गया।
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