कपूरथला के गांव लक्खन कलां में किसान के घर हुई फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस वारदात की जिम्मेदारी अमेरिका में बैठे गांव के ही एक युवक सिमरन सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ली है। पुलिस ने पीड़ित के बयान पर सिमरन सिंह और उसके भाई सहित 9 आ
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गांव लक्खन कलां निवासी पूर्व अकाली नेता कश्मीर सिंह के 42 वर्षीय भतीजे दलजीत सिंह ने थाना सदर पुलिस को बयान दिया। उन्होंने बताया कि उनका घर गांव के बाहर है। गुरुवार रात करीब 10 बजे उन्होंने अचानक गोलियों की आवाज सुनी।
दलजीत सिंह जब कमरे से बाहर निकले, तो उन्होंने देखा कि सड़क पर एक गाड़ी खड़ी थी, जिसकी हेडलाइट जल रही थी। गाड़ी में सवार युवक लगातार उनके घर पर फायरिंग कर रहे थे।
सोशल मीडिया पोस्ट
पीड़ित बोला-घर के गेट पर जोर-जोर से धमकी दी
पीड़ित के अनुसार, हमलावरों ने उनके घर के गेट पर पहुंचकर जोर-जोर से धमकियां दीं। उन्होंने कहा कि दलजीत सिंह ब्लॉक समिति चुनाव में ज्यादा “प्रधानगी” करता था और अब बाहर निकले। हमलावर यह भी चिल्ला रहे थे कि पवित्र सिंह को हराकर उनके परिवार ने बड़ी गलती की है, जिसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इसके बाद हमलावर गाड़ी में सवार होकर गांव की ओर फरार हो गए।
दलजीत सिंह ने बताया कि फायरिंग की घटना से एक दिन पहले उनके स्पेन में रह रहे भतीजे मेहर सिंह को गांव के सिमरन सिंह उर्फ सिम्मा ने व्हॉट्एप कॉल पर धमकी दी थी। सिमरन इस समय अमेरिका में रह रहा है। कॉल में चुनाव जीतने का स्टेटस लगाने और जश्न मनाने को लेकर नाराजगी जताते हुए “टाइम फिक्स करने” की बात कही गई थी।
बाद में सिमरन ने दलजीत सिंह को भी फोन कर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। इसी बीच, सिमरन सिंह उर्फ सिम्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर फायरिंग की जिम्मेदारी ली। उसने लिखा कि “पहले इन लोगों ने उसे गांव से निकाला था, अब उनकी बारी है।” इस पोस्ट के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।

सोशल मीडिया पोस्ट
पुरानी रंजिश में हमला
पीड़ित दलजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि यह फायरिंग की घटना में पवित्र सिंह, उसके अमेरिका में रह रहे भाई सिमरन सिंह उर्फ सिम्मा, गुरदीप सिंह, अरविंदर सिंह उर्फ बाऊ, मोंटी, करण, राम आसरा, हनी और दीपू सभी वासी गांव लक्खन कलां, की साजिश है।
उसका कहना है कि यह हमला पुरानी चुनावी रंजिश के चलते किया गया, क्योंकि ब्लॉक समिति चुनाव में उसने अपने भतीजे जतिंदरपाल सिंह का समर्थन किया था, जबकि दूसरी ओर से पवित्र सिंह चुनाव लड़ रहा था और हार गया था।
थाना सदर की पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर 9 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच की जा रही है।
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