Jodhpur News: पाली जिले के जोजावर निवासी 58 वर्षीय किसान अने सिंह भले ही अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन अंगदान के जरिए उन्होंने तीन गंभीर मरीजों को नई जिंदगी की उम्मीद दी है. इलाज के दौरान जोधपुर एम्स में ब्रेन डेड घोषित होने के बाद परिजनों ने लिवर और दोनों किडनी दान करने का निर्णय लिया. एक किडनी एम्स जोधपुर में, लिवर वहीं भर्ती मरीज को और दूसरी किडनी जयपुर एसएमएस हॉस्पिटल भेजी गई. परिवार के इस फैसले की हर ओर सराहना हो रही है.
तीन जिंदगियों की उम्मीद बने पिता
अने सिंह के बेटे पूरण सिंह ने भावुक होते हुए बताया कि परिवार ने आपसी विचार-विमर्श के बाद 30 जनवरी को ऑर्गन डोनेशन का फैसला लिया था और शनिवार सुबह उनके पिता के अंग दान किए गए. इसके बाद दोपहर करीब 11 बजे एंबुलेंस से पार्थिव शरीर को गांव ले जाया गया. पूरण ने कहा कि पिता भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी वजह से तीन लोगों को नई जिंदगी मिल रही है, यही हमारे लिए सबसे बड़ा सुकून है. अने सिंह के परिवार में पत्नी पताशी देवी (53), तीन बेटे और एक बेटी हैं, जिनमें बेटी इंद्रा (29), बेटे रतन सिंह (25), पूरण सिंह (21) और प्रवीण सिंह (15) शामिल हैं.
सांस लेने वाला फंक्शन है सबसे महत्वपूर्ण
डॉ. सादिक ने बताया कि ब्रेन शरीर के सभी अंगों को कंट्रोल करता है. इसमें सबसे महत्वपूर्ण सांस लेने वाला फंक्शन है. सांस लेने वाला फंक्शन यदि चला जाता है तो वेंटिलेटर के जरिए ऑक्सीजन शरीर के अंगों तक आर्टिफिशियल तरीके से पहुंचाई जाती है. इससे अंगों को कुछ समय तक के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है, ताकि उसे दूसरों के शरीर में ट्रांसप्लांट किया जा सके.
About the Author
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.