झारखंड प्रदेश भाजपा को बुधवार को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा। कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू नए प्रदेश अध्यक्ष होंगे। बुधवार दोपहर दो बजे उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
इससे पहले पार्टी के संगठन पर्व के अंतिम दिन मंगलवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल हुआ। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ आदित्य साहू ने नामांकन पत्र दाखिल किया।
भाजपा ने बार-बार अपने इस कथन को साबित कियाहै कि उसके यहां का बूथ कार्यकर्ता प्रदेश और राष्ट्रीयअध्यक्ष बन सकता है। इसी कड़ी में झारखंड भाजपा के नए अध्यक्ष आदित्य साहू को देखा जा सकता है।
वर्ष 1980 में ओरमांझी के कुचू गांव के बूथ कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुई आदित्य की राजनीतिक यात्रा बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचेगी।
बुधवार को नामों की विधिवत घोषणा की जाएगी
प्रदेश चुनाव अधिकारी सह केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के लिए एक और राष्ट्रीय परिषद की 21 सीटों के लिए 21 नामांकन पत्र मिले हैं। अब बुधवार को नामों की विधिवत घोषणा की जाएगी।
राष्ट्रीय परिषद के लिए अर्जुन, रघुवर, चंपाई के नाम
राष्ट्रीय परिषद की 21 सीट के लिए 21 नामांकन हुए। इसमें कड़िया मुंडा, अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, चंपाई सोरेन, मधु कोड़ा, संजय सेठ, अन्नपूर्णा देवी, अभयकांत प्रसाद, यदुनाथ पांडेय, पशुपति नाथ सिंह, रवींद्र कुमार राय, दिनेशानंद गोस्वामी, दीपक प्रकाश, प्रदीप वर्मा, समीर उरांव, अनंत ओझा, गीता कोड़ा, अमर कुमार बाउरी, नीलकंठ सिंह मुंडा, भानु प्रताप शाही और जीतू चरण राम शामिल हैं।
आदित्य साहू भाजपा अध्यक्ष के रूप में बाबूलाल मरांडी का स्थान लेंगे। (फाइल)
बाबूलाल मरांडी विधानसभा में विपक्ष के नेता
3 अक्टूबर को भाजपा ने आदित्य साहू को झारखंड इकाई का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया था। वे राज्य भाजपा अध्यक्ष के रूप में बाबूलाल मरांडी का स्थान लेंगे। बाबूलाल मरांडी विधानसभा में विपक्ष के नेता भी हैं।
46 वर्ष बाद बनेंगे प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष 46 वर्ष की लंबी उनकी यह राजनीतिक यात्रा धैर्य, संघर्ष, सहयोग, समर्पण और अनुशासन की परिधि में धीरे-धीरे आगे बढ़ी है। राजनीति की बारीकियां और संगठन के दांव-पेंच उन्होंने पूर्व सांसद रामटहल चौधरी से सीखे, पर किसी भी गुट का ठप्पा उन पर नहीं लगा।
वे संयुक्त बिहार में भाजपा के पितामह कैलाशपति मिश्र से लेकर झारखंड के वरीय नेता कड़िया मुंडा, बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, रघुवर दास आदि की छत्रछाया में लगातार काम किया। किसी भी गुट के नहीं होने के बाद भी वे सबके प्रिय बने रहे। संप्रति वे राज्य सभा सदस्य और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष हैं, पर पार्टी के बहुसंख्यक कार्यकर्ता उनकी सरलता और सहजता के कायल हैं। कार्यकर्ता कहते हैं, बिना कड़वी बात बोले भी वे सबसे शत प्रतिशत काम करवा लेते हैं। इसीलिए उनका सांगठनिक रिकार्ड अच्छा रहा है। खास कर पलामू प्रमंडल के प्रभारी के रूप में उन्होंने भाजपा को लगातार सफलता दिलाई है।
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