Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के शिवरीनारायण धाम में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. इस दिन गुड़, तिल और खिचड़ी का दान करना विशेष फलदायक माना जाता है. पंडित जी ने बताया कि इस त्यौहार पर यह दान न सिर्फ आध्यात्मिक लाभ देता है, बल्कि जीवन में समृद्धि और खुशहाली भी लाता है.
जांजगीर दुर्गा मंदिर के पंडित बसंत शर्मा महाराज ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन से सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं. उत्तरायण को देवताओं का दिन कहा जाता है.मकर संक्रांति के दिन से दिन बड़ा और रात्रि छोटी होनी शुरु हो जाती है. मकर संक्रांति के दिन नदी में स्नान करने के बाद सूर्य देव की पूजा की जाती है और दान किया जाता है. वही जांजगीर चांपा जिले के शिवरीनारायण में महानदी घाट के साथ ही यहां त्रिवेणी संगम भी है जिसके कारण यहां मकर संक्रांति के श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहती है, और साथ ही यहां त्रिवेणी संगम में नहाने के बाद तिल, चावल, सेमी दान किया जाता है, उसके बाद यहां भगवान नारायण जी का दर्शन कर मनोकामना मांगी जाती है.
शुभ और मांगलिक कार्य कब से होंगे शुरू
महाराज ने बताया की मकर संक्रांति के दिन से ही खरमास खत्म हो जाता है और इसी दिन से शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए मुहूर्त देखे जाने लगते हैं. और बताया की मकर संक्रांति के दिन तिल, गुड़, खिचड़ी खाने से लाभ मिलता है, इसके साथ ही तिल और गुड़ का लड्डू बनाकर उसके अंदर सिक्का या सोने का आभूषण डालकर दान करते है, और तिल के पहाड़ आकार का दान करते है, चावल दाल, सेमी मिलाकर दान करते हैं ये सभी दान करने से पुण्य होता है.
पंडित बसंत शर्मा महाराज ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन से मांगलिक कार्य प्रारंभ होता हैं इसके कारण ही दान पुण्य और तीर्थ स्थल जाकर स्नान किया जाता हैं. अगर तीर्थ स्थल नही जा पाए तो मकर संक्रांति के दिन नदी या तालाब में स्नान जरूर करना चाहिए. और अपने सामर्थ्य अनुसार दान करना चाहिए, इससे पुण्य की प्राप्ति होती हैं.
About the Author
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.