जयपुर | चांदपोल स्थित जनाना हॉस्पिटल में 75 करोड़ रुपए से बनी नई आईपीडी बिल्डिंग 3 महीने से तैयार है, लेकिन छोटी-मोटी कमियों के नाम पर इसे अब तक शुरू नहीं किया। नतीजा- रोज 1100 महिला मरीजों को ओपीडी में भीड़भाड़ और सीमित संसाधनों में उपचार कराना पड़
हालांकि ये ऐसे काम नहीं हैं, जिनकी वजह से इलाज की सुविधा रोकी जानी हो। हॉस्पिटल प्रशासन ने अब तक नई बिल्डिंग में बैड, आईसीयू, ओटी मशीनें और अन्य मेडिकल इक्विपमेंट तक नहीं लगाए हैं। गत दिनों एसीएस गायत्री राठौड़ ने हॉस्पिटल के निरीक्षण के दौरान नई बिल्डिंग में शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे, पर आज तक शुरू नहीं किया है।
315 बेड और मॉड्यूलर ओटी, 2 आईसीयू भी
नई इमारत में ग्राउंड फ्लोर सहित दो मंजिला आईपीडी, 315 बेड, 2 मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, एसी वार्ड और रूम। वहीं, पुराने जनाना हॉस्पिटल में 550 बेड और 8 ओटी हैं, वहां मरीजों के हिसाब से जगह कम है। नई बिल्डिंग शुरू होने से इलाज की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि बेहतर और सुरक्षित माहौल भी मिलेगा।
दो मंजिला पार्किंग तैयार, फिर भी राहत नहीं
नई बिल्डिंग में दो बेसमेंट पार्किंग पूरी तरह तैयार है। यह सुविधा खासतौर पर उन गर्भवती महिलाओं और परिजनों के लिए राहत बन सकती थी, जो इलाज के दौरान वाहन खड़े करने को लेकर परेशान रहते हैं।
इस माह शुरू करने का प्लान: माहेश्वरी
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