झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के जिले जामताड़ा में एक भी ऑक्सीजन प्लांट नहीं है। जो है वो भी बीते चार साल से चालू होने का इंतजार कर रहे हैं। जिले में कोरोना काल में दो प्लांट लगाए गए थे। एक प्लांट मिहिजाम तो दूसरा सदर अस्पताल परिसर में। इन दोनों ही ऑक्सीजन प्लांट को कोरोना संक्रमण के तीसरे चरण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया था। यह चालू होता तो 120 बेड की क्षमता वाले सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों को पाइपलाइन के माध्यम से निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति की जा सकती थी। जब बनाया गया था तब इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि माना गया था, लेकिन आज स्थिति यह है कि प्लांट शोपीस बनकर रह गया है। मरीजों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। जंग खा रहे महंगे उपकरण करीब एक करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण टाटा कंसल्टेंसी कंपनी द्वारा कराया गया था। लेकिन वर्षों से संचालन नहीं होने के कारण प्लांट में लगे महंगे उपकरण निष्क्रिय पड़े हैं। बरसात के मौसम में प्लांट परिसर में पानी जमा हो जाता है। जिससे कई मशीनों और उपकरणों में जंग लग चुकी है। इससे भविष्य में इनके उपयोग पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत और संचालन शुरू नहीं किया गया, तो यह पूरा ढांचा बेकार हो सकता है। दो प्लांट, एक भी चालू नहीं जामताड़ा जिले में कुल दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे। एक सदर अस्पताल जामताड़ा में और दूसरा मिहिजाम में। हैरानी की बात यह है कि दोनों ही प्लांट अब तक चालू नहीं हो सके हैं। आपात स्थिति में अस्पतालों को ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए बाहरी एजेंसियों पर निर्भर रहना पड़ता है। लगभग 10 लाख की आबादी वाले जामताड़ा जिले में एक भी ऑक्सीजन प्लांट का चालू न होना स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामी को उजागर करता है। यह स्थिति तब है, जब जामताड़ा जिले से ही डॉ. इरफान अंसारी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हैं। फंड की कमी बनी बड़ी बाधा विभागीय सूत्रों के अनुसार, ऑक्सीजन प्लांट को चालू रखने के लिए हर साल नियमित मेंटेनेंस जरूरी है। इसके अलावा रोजाना डीजी मशीन चलाने के लिए ईंधन की भी आवश्यकता होती है। इन सभी मदों के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त फंड नहीं है, जिससे प्लांट संचालन में लगातार देरी हो रही है। इस संबंध में सिविल सर्जन आनंद मोहन सोरेन ने बताया कि संबंधित कंपनी से बातचीत चल रही है। कंपनी से एमओयू मिलने के बाद मरम्मत कार्य कराया जाएगा और प्लांट को जल्द चालू करने की दिशा में पहल की जाएगी।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.