मोतियों से बनाई प्रेमानंद महाराज की तस्वीर
विवेक मिश्रा कोई साधारण कलाकार नहीं हैं. मोतियों से जीवंत पोर्ट्रेट बनाने की कला ने उन्हें शहर ही नहीं, देशभर में पहचान दिलाई है, लेकिन इस बार उनका उद्देश्य प्रसिद्धि नहीं, बल्कि भक्ति की थी. उन्होंने पूरे 151000 मोतियों से श्री प्रेमानंद जी महाराज की एक भव्य तस्वीर तैयार की. इस अद्भुत पोर्ट्रेट को बनाने में उन्हें लगातार दो महीनों की कठिन मेहनत लगी. हर मोती उनके लिए एक मंत्र थी. वह हर दिन एक तपस्या की तरह काम कर रहे थे.
प्रेमानंद महाराज से हुई मुलाकात
विवेक 17 फरवरी को वृंदावन स्थित केली कुंज आश्रम के लिए रवाना हुए और 20 फरवरी को उन्हें वह सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिसका इंतजार हजारों भक्त करते हैं. प्रेमानंद जी महाराज से उनकी भेंट हुई. इस मुलाकात को और भी विशेष बना दिया उस एक मोती ने, जिसे विवेक ने जानबूझकर खाली छोड़ा था. उन्होंने विनम्रता से वह मोती महाराज जी को दिया, और महाराज जी ने स्वयं अपने हाथों से उसे तस्वीर में जड़कर पोर्ट्रेट को पूर्ण किया. वह क्षण विवेक के लिए जीवन का सबसे अमूल्य पल बन गया.
विवेक भावुक होकर बताते हैं कि ‘केली कुंज आश्रम में प्रवेश करते ही ऐसा लगा मानो स्वर्ग में आ गया हूं. वहां न कोई दिखावा, न कोई शुल्क सिर्फ सेवा, प्रेम और भक्ति. वे कहते हैं कि प्रतिदिन लगभग 120 पुरुष और 120 महिलाएं महाराज जी से भेंट करते हैं, और सच्चे मन से जाने वाला कोई भी भक्त निराश नहीं लौटता है.
20 मिनट हुई प्रेमानंज महाराज से बातचीत
आश्रम का वातावरण भी उन्हें गहराई से छू गया. वहां लोग एक-दूसरे को ‘श्री हरिवंश’ कहकर संबोधित करते हैं. महाराज जी अक्सर अपने सौबरी वन में भ्रमण करते हुए साधारण लोगों से सहज भाव से मिलते हैं. विवेक बताते हैं कि महाराज जी से हुई लगभग 20 मिनट की बातचीत ने उनके जीवन की सोच ही बदल दी. ‘महाराज जी से मिलने के बाद लगा कि छल, कपट, क्रोध और हिंसा में कोई सार नहीं है. सच्चाई और प्रेम का रास्ता ही सही है, वे कहते हैं.
इस दिव्य अनुभव के बाद अब विवेक एक नई साधना में जुट गए हैं. महाराज जी के कहने पर वह राधा-कृष्ण की लगभग 10 फीट ऊंची पोर्ट्रेट तैयार कर रहे हैं, जिसमें करीब 5 लाख मोतियों का उपयोग होगा. यह सिर्फ कला नहीं, उनके लिए भक्ति की अगली सीढ़ी है. विवेक की कहानी यह साबित करती है कि जब श्रद्धा सच्ची हो तो मोती भी मंत्र बन जाते हैं और कला, ईश्वर तक पहुंचने का माध्यम बन जाती है.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.