Jamshedpur News: जमशेदपुर के वायरल बॉय पिंटू प्रसाद सोशल मीडिया पर फेमस होने के बाद सही हाथों में पहुंचकर, अब ड्रग्स की गिरफ्त से निकलने की कोशिश कर रहे हैं. अस्तित्व फाउंडेशन के रिहैब सेंटर में उनका इलाज चल रहा है और वे नई ज़िंदगी की शुरुआत कर रहे हैं.
ऐसे फंसे ड्रग्स के जाल में
जमशेदपुर के इस वायरल शख्स का नाम है पिंटू प्रसाद, उम्र करीब 32 साल. पिंटू की कहानी केवल वायरल होने तक सीमित नहीं है, बल्कि संघर्षों से भरी हुई है. बचपन में ही माता-पिता का साया उठ गया. हालात ने उसे छोटी-मोटी कमाई की राह पर धकेला और धीरे-धीरे सस्ते नशे उसकी ज़िंदगी का हिस्सा बन गए. समय के साथ वह ड्रग एडिक्शन की गिरफ्त में चला गया, जहां से निकलना आसान नहीं होता.
रिहैब सेंटर में शुरू हुआ इलाज
सोशल मीडिया पर बढ़ते व्यूज़ के बीच अस्तित्व फाउंडेशन, जमशेदपुर के सौरव और प्रतीक की नज़र पिंटू पर पड़ी. उन्होंने महसूस किया कि लोग उसकी धूम का फ़ायदा तो उठा रहे हैं, लेकिन पिंटू भी एक बेहतर ज़िंदगी चाहता है. यहीं से उसकी नई शुरुआत हुई. दोनों ने पिंटू को अपने रिहैब सेंटर लाकर इलाज शुरू कराया.
40 से ज्यादा लोगों का हो रहा इलाज
लोकल 18 से बातचीत में सौरव बताते हैं कि उनके रिहैब सेंटर में इस समय 40 से अधिक लोग इलाजरत हैं, जबकि करीब 6 लोग पूरी तरह स्वस्थ होकर नई ज़िंदगी की ओर लौट चुके हैं. यहां इलाज की प्रक्रिया वैज्ञानिक और मानवीय है – प्रॉपर दवा, डिटॉक्स प्रक्रिया, इसके बाद मानसिक सत्र और नियमित काउंसलिंग. पिंटू की हालत में पहले से काफ़ी सुधार दिख रहा है.
घर के नल तक बेच दिए
सौरव खुद भी कभी ड्रग एडिक्शन से गुज़र चुके हैं. वे बताते हैं कि नशा इंसान से सब कुछ छीन लेता है, यहां तक कि उन्होंने अपने घर के नल तक बेच दिए थे. इसी अनुभव ने उन्हें लोगों को जागरूक करने और सही राह दिखाने के लिए प्रेरित किया. फिलहाल पिंटू को कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी हैं – जैसे टाइफाइड, इसलिए उसे सादा भोजन दिया जा रहा है. 32 साल की उम्र और ज़िंदगी के तजुर्बों ने उसे बहुत कुछ सिखाया है.
आने वाले दिनों में, इलाज पूरा होने के बाद, उसे बाहर की दुनिया में उतारकर उसके बदलाव को परखा जाएगा. यह कहानी केवल एक वायरल चेहरे की नहीं, बल्कि उम्मीद, सुधार और दूसरी शुरुआत की है – जहां धूम से आगे ज़िंदगी की असली जीत लिखी जा रही है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
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