पब्लिक ने कहा सराहनीय कदम
लोकल 18 की टीम जब पब्लिक ओपिनियन जानने के लिए सड़कों पर उतरी, तो ज्यादातर कैब ड्राइवरों ने इसे सरकार का सराहनीय और समय की मांग वाला कदम बताया. कैब ड्राइवर दिनेश बताते हैं कि मौजूदा सिस्टम में परेशानी ही परेशानी थी. “जैसे ही हम लोग किसी प्लेटफॉर्म से जुड़ते थे, रोजाना 25 से 30 रुपये लॉग-इन चार्ज देना पड़ता था. इसके अलावा हर ट्रिप में तय प्रतिशत कट जाता था. कई बार तो गाड़ी चलाने और तेल का खर्च निकालने के बाद भी हाथ में कुछ नहीं बचता था.”
वहीं अशोक का मानना है कि यह फैसला राहत देने वाला जरूर है, लेकिन इसका असली असर आने वाले समय में दिखेगा. “कमीशन खत्म होना अच्छी बात है, लेकिन लोगों का रिस्पॉन्स कैसा रहता है, बुकिंग कितनी मिलती है, यह देखने के बाद ही साफ होगा कि यह योजना कितनी सफल है.”
आर्थिक रूप से फायदेमंद
गोपाल जी इस पहल को आर्थिक रूप से बेहद फायदेमंद मानते हैं. “अगर यह योजना जमीन पर सही तरीके से लागू होती है, तो हम लोग महीने के 15 से 16 हजार रुपये आराम से बचा सकते हैं. अभी तो काफी ज्यादा पैसा कमीशन में चला जाता है.”
कैब ड्राइवर रमेश ने एक और बड़ी समस्या की ओर ध्यान दिलाया. “कई बार लोग कैब बुक करके कैंसिल कर देते हैं और उसका कैंसिलेशन चार्ज भी हमारे पैसे से कट जाता है. यह काफी भारी पड़ता है. अगर सरकार ने यह पहल की है, तो इन छोटी-छोटी लेकिन अहम बातों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए.”
भारत टैक्सी क्या है?
सरकार की यह पहल ड्राइवर-फ्रेंडली मॉडल पर आधारित बताई जा रही है, जिसमें किसी निजी कंपनी की तरह मोटा कमीशन नहीं लिया जाएगा. इसका उद्देश्य है कि कैब ड्राइवरों को ज्यादा कमाई मिले, उनकी आर्थिक स्थिति सुधरे और वे बिना दबाव के काम कर सकें. साथ ही यात्रियों को भी पारदर्शी और भरोसेमंद सेवा मिले.
ड्राइवरों का कहना है कि देशभर में लाखों लोग रोज सड़कों पर यात्रियों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाते हैं. अगर उनकी आमदनी स्थिर होगी, तो वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और परिवार का भविष्य बेहतर बना पाएंगे. कुल मिलाकर, भारत टैक्सी को कैब ड्राइवर अपने लिए उम्मीद की नई किरण के रूप में देख रहे हैं
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