घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी गौतम जैन एवं बिशनगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। साथ ही डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आशंका जताई है कि तेजाराम के सिर पर लाठी या इसी तरह के किसी भारी वस्तु से वार किया गया है। धारदार हथियार के प्रयोग के संकेत नहीं मिले हैं। वारदात देर रात की बताई जा रही है।
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पुलिस जांच में सामने आया है कि तेजाराम चौधरी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। करीब 6 वर्ष पहले अपने ही दामाद की हत्या कर शव दफनाने के आरोप में वह लगभग 5 साल जेल में रह चुका था। इसके अलावा करीब 15 दिन पहले बालोतरा जिले के तेलवाड़ा गांव की सरहद के जंगलों में बूटाराम भील का क्षत-विक्षत शव मिला था, जिसमें मृतक के परिजनों ने तेजाराम चौधरी और मांगीलाल पर संदेह जताया था।
इसी कड़ी को जोड़ते हुए मृतक के बेटे जैताराम चौधरी ने बिशनगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें बूटाराम भील हत्याकांड से जुड़े लोगों पर तेजाराम की हत्या करने का संदेह जताया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उस मामले में नाम आने के बाद से ही तेजाराम गांव छोड़कर बाहर जाने की तैयारी में था और उसने कुछ दिन पहले अपने कृषि बेरे से पशु भी बेच दिए थे।
पुलिस ने एहतियातन कृषि बेरे को सील कर दिया है और आमजन की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 5 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, वास्तविक स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गहन जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस पुराने आपसी विवाद, हालिया हत्याकांड और पारिवारिक रंजिश सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी हुई है। घटना के बाद ऐलाना गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
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