केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा स्कीम को समाप्त कर ‘जी राम जी’ बिल लाने की योजना का विरोध तेज हो गया है। जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता पवन कुमार टीनू ने इसे मजदूर विरोधी कदम बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार 100% फंडिंग के बजाय अब 60:40 का अनुपात थोपकर रा
जालंधर के सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान आदमपुर के हल्का इंचार्ज पवन कुमार टीनू और जिला प्रधान अमृतपाल ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर तीखे सवाल उठाए। टीनू ने कहा कि मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना को हटाना गरीबों के साथ बड़ा धोखा है। उन्होंने विस्तार से बताया कि नई स्कीम के तहत फंडिंग का भार राज्यों पर डाला गया है, जो महंगाई के इस दौर में अनुचित है। इसके अलावा, नई व्यवस्था में डिजिटल हाजिरी अनिवार्य की जा रही है, जिससे नेटवर्क की समस्या वाले इलाकों में मजदूरों की दिहाड़ी कटने का खतरा पैदा हो गया है।
नए बिल में प्रावधान होगा कमजोर
पवन कुमार टीनू ने आगे कहा कि पहले मनरेगा के तहत मजदूरों को साल में 100 दिन के काम की कानूनी गारंटी मिलती थी, लेकिन नए ‘जी राम जी’ बिल में यह प्रावधान कमजोर कर दिया गया है। अब बजट खत्म होते ही काम बंद कर दिया जाएगा, जिससे मजदूरों की सुरक्षा खत्म हो जाएगी। उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि यह फैसला बिना राज्यों या मजदूर संगठनों की सलाह के लिया गया है। आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वे इस नई स्कीम का डटकर विरोध करेंगे और हर स्तर पर मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे।
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