Mobile Ban Ranthambore Tiger Reserve: राजस्थान वन विभाग ने रणथंभौर टाइगर रिजर्व के मुख्य पर्यटन क्षेत्रों में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगा दिया है. अब पर्यटक, गाइड और सफारी वाहन चालक ज़ोन 1 से 10 और सभी सफारी मार्गों में मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर सकते. नियम का उल्लंघन करने वालों पर मौजूदा कानूनों के तहत दंडात्मक कार्रवाई होगी. विभाग ने होटल, वाहन मालिक और स्थानीय पर्यटन समुदाय को भी अधिसूचित किया है.पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम वन्यजीवों की सुरक्षा और जैव विविधता संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है.
वन पर्यटन के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर संजीव शर्मा ने बताया कि इस नियम का पालन न करने वाले व्यक्तियों पर मौजूदा कानूनों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी ग्रेड A और ग्रेड B गाइड्स को सौंपी गई है, जो रिजर्व में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं.
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में मोबाइल के उपयोग पर बैन
वन विभाग ने आस-पास के होटल संचालकों, वाहन मालिकों और स्थानीय पर्यटन समुदाय को भी औपचारिक रूप से अधिसूचित किया है ताकि सभी नए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके. नियम का उल्लंघन करने वाले पर्यटकों या कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें दंड और रिजर्व में प्रवेश पर प्रतिबंध जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है.
पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस कदम का स्वागत किया है. उनका कहना है कि मोबाइल फोन के लगातार इस्तेमाल से वन्यजीवों की प्राकृतिक जीवन शैली प्रभावित होती है और शोर तथा विद्युत चुम्बकीय विकिरण से बाघों और अन्य जंगली प्रजातियों पर नकारात्मक असर पड़ता है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रतिबंध रणथंभौर के जैव विविधता संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है और पर्यटन गतिविधियों को भी संतुलित बनाएगा.
सालाना लाखों पर्यटक सफारी के लिए आते हैं रणथंभौर
सफारी में मोबाइल इस्तेमाल पर पाबंदी का उद्देश्य न केवल वन्यजीवों को शांति प्रदान करना है, बल्कि पर्यटकों को भी प्राकृतिक वातावरण का असली अनुभव देना है. वन विभाग ने कहा कि यह नियम अब से प्रभावी होगा और सभी गाइड्स और पर्यटकों से अनुरोध किया गया है कि वे इसका पालन करें. रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सालाना लाखों पर्यटक आते हैं और कई लोग फोटो और वीडियो लेने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं. नए नियम के लागू होने के बाद गाइड्स पर्यटकों को यह समझाएंगे कि मोबाइल का इस्तेमाल न करना उनके अनुभव और वन्यजीव संरक्षण दोनों के लिए फायदेमंद है. वन विभाग ने यह भी कहा कि नियम उल्लंघन की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी और पर्यटक सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीव सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.
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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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