ACB सूत्रों के अनुसार, इस मामले में रिटायर्ड IAS अधिकारी सुबोध अग्रवाल के संभावित ठिकानों पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. इसके अलावा करीब 15 आरोपियों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई है. टीम सुबह से ही अलग-अलग जगहों पर दस्तावेजों की जांच, डिजिटल डेटा खंगालने और संदिग्ध लेन-देन से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है.
छापेमारी के दौरान कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है
इस घोटाले से जुड़े कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड बरामद होने की संभावना है. ACB की टीम जल जीवन मिशन से संबंधित टेंडर प्रक्रिया, ठेका आवंटन, भुगतान प्रक्रिया और कमीशनखोरी से जुड़े बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है. छापेमारी के दौरान कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. हिरासत में लिए गए आरोपियों में केडी गुप्ता, निरिल कुमार, सुशील शर्मा, डीके गौड़, महेंद्र सोनी, विशाल सक्सेना, दिनेश गोयल, शुभांशु दीक्षित और अरुण श्रीवास्तव शामिल हैं. इन सभी से जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों, भुगतान प्रक्रिया, कंपनियों की भूमिका और अधिकारियों की संलिप्तता को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है.
टेंडर प्रक्रिया में बड़े स्तर पर बरती गई है अनियमितता
ACB की यह कार्रवाई जेजेएम एसीबी एसआईटी के अध्यक्ष एसपी पुष्पेंद्र राठौड़ के नेतृत्व में की जा रही है. टीम में तकनीकी, वित्तीय और कानूनी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है ताकि मामले की हर परत को खोला जा सके. सर्च ऑपरेशन के दौरान बड़ी मात्रा में फाइलें, कंप्यूटर, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जाएगी.
जांच में समाने आया चौंकाने वाले तथ्य
ACB अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. जांच के दायरे में कुछ और बड़े नामों के आने की संभावना भी जताई जा रही है. जल जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार को लेकर ACB की यह कार्रवाई राज्य की राजनीति और प्रशासन में बड़ा भूचाल ला सकती है. फिलहाल छापेमारी और पूछताछ का सिलसिला लगातार जारी है और ACB पूरे नेटवर्क को उजागर करने में जुटी हुई है.
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