सभापति ने यह भी दोहराया कि सदन की गरिमा और नियमों का पालन हर सदस्य की जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी.
इस घटनाक्रम के बाद कुछ देर तक सदन में हलचल बनी रही. हालांकि बाद में कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ी, लेकिन पानी की छोटी बोतल को लेकर शुरू हुआ यह मामला दिनभर चर्चा में बना रहा.
विधायक रविंद्र भाटी ने ओरण भूमि बचाने की मांग की
6 लाख हैक्टेयर भूमि और ओरण भूमि रूप में संरक्षित की है. ओरण भूमि और गोचर खत्म हो गई तो हमारी गौ माता कहां जाएगी. ओरण भूमि को खत्म किया जा रहा है. हर कैबिनेट मीटिंग में लैंड एलॉटमेंट कि जा रही है, यह कौन लोग हैं, विकास के नाम पर गला क्यों घोटा जा रहा है. प्रदेश की सरकार से पूछना चाहता हूं. उसे क्षेत्र के लोगों के बारे में किसको क्या पड़ी है, लैंड अलॉटमेंट को रोकने के लिए आप एक विशेष नीति बनाएं सरकार.
सोलर और विकास दोनों जरूरी है ,उसके लिए पॉलिसी आनी चाहिए, बिजली को लेकर सरकार का स्पष्ट रुख नहीं है, प्रदेश सरकार की क्या मजबूरियां है मल्टीनेशनल कंपनी के सामने घुटने पर बैठे, खेजड़ी को बचाने का बिल कब लाएंगे.
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