Pigeon Betting Scam in Jaipur Police Action: जयपुर पुलिस ने कबूतरों पर सट्टेबाजी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. यहां खास प्रजाति के कबूतरों को ट्रेनिंग देकर उनकी उड़ान और ऊंचाई पर 6 लाख रुपये तक के दांव लगाए जाते हैं. शहर के पुराने इलाकों में यह अवैध खेल धड़ल्ले से चल रहा है.
जयपुर में कबूतरों पर सट्टेबाजी का खुलासा
हाल ही में विधायकपुरी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो कार्टूनों से 42 ‘ब्लू रॉक पिजन’ प्रजाति के कबूतर बरामद किए. जांच में सामने आया कि इन कबूतरों को साधारण पक्षियों की तरह नहीं पाला जाता, बल्कि इन्हें 30 से 60 दिनों की कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है. इस ट्रेनिंग के दौरान कबूतरों को मालिक की आवाज पहचानना, आसमान में एक निश्चित ऊंचाई पर देर तक टिके रहना और वापस लौटने के गुर सिखाए जाते हैं. इन्हीं खूबियों के आधार पर इन पक्षियों पर ‘मैच’ आयोजित किए जाते हैं.
ऊंचाई और समय पर लगती है लाखों की बोली
सट्टेबाजी का यह खेल काफी संगठित तरीके से खेला जाता है. प्रशिक्षित कबूतरों को खुले आसमान में छोड़ा जाता है और फिर शुरू होती है सट्टेबाजी. दांव इस बात पर लगता है कि कौनसा कबूतर कितनी ऊंचाई तक जाएगा और कितनी देर तक हवा में टिककर उड़ान भरेगा. सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह होती है कि मालिक की एक आवाज या सीटी पर कबूतर वापस लौटना चाहिए. पुलिस के अनुसार, इस खेल में दांव 20 हजार रुपये से शुरू होकर 6 लाख रुपये तक पहुंच जाता है.
जयपुर के इन इलाकों में सक्रिय हैं सट्टेबाज
जयपुर के कई पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों में कबूतर पालने का शौक पीढ़ियों से चला आ रहा है. पुलिस के मुताबिक घाट की घूणी, आजाद नगर, मोती डूंगरी, आदर्श नगर, घाटगेट, खोह नागोरियन, ईदगाह, झालाना, रामगंज, ब्रह्मपुरी और दिल्ली रोड जैसे इलाकों में सट्टेबाजी के मामले गाहे-बगाहे सामने आते रहते हैं. विधायकपुरी थाना अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस इन संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है और कबूतरों की आड़ में जुआ खेलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.
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Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
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