यह विवाद दिसंबर के अंतिम दिनों में उस समय भड़का जब मस्जिद के बाहर सड़क किनारे रखे पत्थरों को हटाकर रेलिंग लगाने का काम शुरू हुआ. स्थानीय लोगों और व्यापारियों की शिकायत थी कि यह अतिक्रमण सड़क की चौड़ाई कम कर ट्रैफिक जाम का कारण बन रहा है. एक पक्ष ने सहमति से पत्थर हटाए, लेकिन बाद में कुछ लोगों ने फिर से लोहे की रेलिंग लगाने की कोशिश की. देर रात पुलिस ने इसे हटाने का प्रयास किया तो भीड़ उग्र हो गई और पत्थरबाजी शुरू हो गई. इस घटना में 6 से 11 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें ज्यादातर को सिर पर चोटें आईं. पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और हल्का बल प्रयोग किया.
दो मकान सहित एक कॉम्प्लेक्स को किया गया सीज
चौमूं में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को और तेज कर दिया है. अशोक प्लाजा से इमाम चौक तक करीब 50 से अधिक मकान और दुकानों के बाहर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया. जेसीबी की मदद से सड़क सीमा में बने चबूतरे, सीढ़ियां और अन्य अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए. कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दो मकानों और एक कॉम्प्लेक्स को सीज कर दिया गया. प्रशासन का कहना है कि यह अभियान सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए चलाया जा रहा है. पूरे अभियान के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की गई.
जेसीबी से अवैध निर्माण को किया गया ध्वस्त
चौमूं में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लगातार जारी रखा हुआ है. गुरुवार को करीब एक दर्जन मकान और दुकानों के बाहर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया. जेसीबी की सहायता से सड़क सीमा में बने अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया. कार्रवाई के दौरान मकान और दुकानों के बाहर बने चबूतरे, सीढ़ियां और अन्य अस्थायी निर्माण हटाए गए. प्रशासन का कहना है कि यह अभियान सड़क को चौड़ा करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है. अतिक्रमण हटाने से सड़क पर आवाजाही आसान हुई है. मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई.
सीएम भजनलाल शर्मा ने देर रात की समीक्षा
पत्थरबाजी के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया. अफवाहें फैलने से रोकने के लिए चौमूं क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं कुछ समय के लिए निलंबित कर दी गई. अतिरिक्त पुलिस बल आसपास के थानों से बुलाया गया और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया. अब तक 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान कर आगे कार्रवाई की जा रही है. इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सक्रिय भूमिका निभाई. देर रात उन्होंने गृह विभाग की समीक्षा बैठक ली और डीजीपी यूबी राजीव शर्मा को चौमू विवाद पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.
सीएम के निर्देश के बाद एक्शन मोड में पुलिस
सीएम के निर्देश के बाद पुलिस महकमा पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. सरकार का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की नीति पूरी तरह निष्पक्ष है और इसमें धर्म या जाति का कोई भेदभाव नहीं है. पत्थरबाजों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन पहले ही सख्त रुख अपना चुका था. गरीब नवाज होटल सहित चार मीट की दुकानों समेत कई दुकानों और मकानों के बाहर नोटिस चस्पा किए गए थे. इनमें अतिक्रमण हटाने के लिए 3 दिन का समय दिया गया था और जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया था. 31 दिसंबर को यह समयावधि पूरी हो चुकी है. अब कोई जवाब नहीं आने पर प्रशासन ने आज ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दिया है. इसके लिए पुलिस थाने के बाहर भारी पुलिस जाब्ता तैनात है और फ्लैग मार्च भी किया जा रहा है. चौमूं में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.
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