इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण हुई 18 मौतों के मामले में अब राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में पार्टी ने आगामी 11 जनवरी को शहर में एक विशाल न्याय यात्रा निकालने का निर्णय लिया है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भागीरथपुरा की इस त्रासदी में जान गंवाने वाले 18 व्यक्तियों के परिवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करना और प्रशासन की कथित लापरवाही को जनता के सामने उजागर करना है।
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<p>इस महत्वपूर्ण आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए गुरुवार को कांग्रेस नेताओं की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जीतू पटवारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि भागीरथपुरा की घटना कोई सामान्य लापरवाही या साधारण मौत का मामला नहीं है, बल्कि यह प्रशासन की विफलता के कारण हुई एक सुनियोजित हत्या के समान है।
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उन्होंने मांग की है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। पार्टी का तर्क है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद दूषित पानी की सप्लाई को नहीं रोका गया, जिसका खामियाजा निर्दोष नागरिकों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा।
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न्याय यात्रा का शुरुआत 11जनवरी को शहर के बड़ा गणपति चौराहा से होगी। यहां से कार्यकर्ताओं का हुजूम निकलता हुआ राजवाड़ा पहुंचेगा, जहां देवी अहिल्या बाई की प्रतिमा के समक्ष इस यात्रा का समापन होगा। पटवारी ने संगठन के सभी स्तरों पर कड़े निर्देश दिए हैं कि भीड़ और जनभागीदारी के लिहाज से इस यात्रा में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। इसके लिए न केवल शहर के वार्डों बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों से भी कार्यकर्ताओं और आम जनता को जोड़ने की योजना बनाई गई है।
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