बालोतरा जिले के गिड़ा थाना पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए समुदाय विशेष की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सामाजिक वैमनस्य फैलाने के गंभीर मामले में चार माह से फरार चल रहे एक वांटेड हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान केसाराम उर्फ किशन मांजु उर्फ केडी, पुत्र गेनाराम, निवासी जगराम की ढाणी, गिड़ा (बालोतरा) के रूप में हुई है। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक, भड़काऊ और अनर्गल टिप्पणियां व पोस्ट साझा कर रहा था, जिससे विभिन्न समाज वर्गों में रोष और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
गिड़ा थाना पुलिस ने बताया कि 6 सितंबर 2025 को हनीफ खान द्वारा थाने में एक लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत में बताया गया था कि केसाराम उर्फ केडी सोशल मीडिया पर लगातार समुदाय विशेष को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहा है। इन पोस्टों से न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हुईं, बल्कि क्षेत्र की गंगा-जमुनी तहजीब, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को भी गंभीर नुकसान पहुंचा।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए भूमिगत हो गया। बालोतरा पुलिस अधीक्षक रमेश कुमार ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं। तकनीकी सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आरोपी की तलाश बालोतरा, जोधपुर, सीकर, बाड़मेर, अहमदाबाद, आबूरोड सहित राजस्थान और गुजरात के कई संभावित ठिकानों पर की गई।
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एसपी ने बताया कि आरोपी एक शातिर अपराधी और घोषित हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ पहले से ही सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस दबिश की भनक लगते ही वह बार-बार अपना स्थान बदलता रहा, जिससे उसकी गिरफ्तारी में समय लगा। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी जालोर जिले में छिपा हुआ है। इसके बाद गिड़ा थाना पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे जालोर से डिटेन कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने 1 सितंबर 2025 को अपने मोबाइल फोन से सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से समुदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट व टिप्पणियां की थीं।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से गहन पूछताछ की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजते हुए जेल दाखिल कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक रमेश कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर नफरत, धार्मिक उन्माद और सामाजिक तनाव फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। ऐसे तत्व चाहे कितने भी समय तक फरार रहें, उन्हें कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करें और किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या भड़काऊ सामग्री नजर आने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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