हिमाचल से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार।
हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी को लेकर सस्पेंस बरकरार है। सूत्र बताते हैं कि सत्तारूढ़ कांग्रेस लास्ट मिनट स्ट्रैटर्जी के तहत 5 मार्च को नॉमिनेशन से कुछ घंटे पहले ही प्रत्याशी को लेकर अपने पत्ते खोलेगी। इससे एक या दो दिन पहले सीएम सुखव
कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी के नाम को लेकर चुप्पी साधना सत्तारूढ़ दल की रणनीति का पार्ट है, क्योंकि फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने गैर हिमाचली एवं सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी को प्रत्याशी बनाया था। इससे राज्य में ‘बाहरी बनाम लोकल’ मुद्दा बना।
इसी का फायदा उठाते हुए बीजेपी ने हर्ष महाजन को प्रत्याशी बनाया और बहुमत 10 विधायक कम होने के बावजूद राज्यसभा चुनाव जीत लिया। तब इससे कांग्रेस सरकार पर भी संकट आ गया था। फिर से ऐसे ही संकट से बचने के लिए सत्तारूढ़ कांग्रेस 2024 जैसी गलती नहीं दोहराएगा।
राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारने के लिए कांग्रेस की रणनीति पर बीजेपी की नजर।
5 मार्च को नॉमिनेशन
हिमाचल की इकलौती राज्यसभा सीट के लिए 5 मार्च को नॉमिनेशन भरे जाएंगे। 16 मार्च को वोटिंग होनी है। इसी दिन नए राज्यसभा सांसद का रिजल्ट घोषित होगा।
प्रत्याशी उतारने की BJP रणनीति बना चुकी
BJP के सूत्र बताते हैं कि यदि कांग्रेस किसी बाहरी नेता को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाती है तो बीजेपी इस बार भी प्रत्याशी उतार सकती है। बीते दिनों शिमला में हुई भाजपा विधायक दल में भी इसे लेकर चर्चा हो चुकी है और ज्यादातर भाजपा विधायक राज्यसभा में प्रत्याशी उतारने के पक्ष में है। मगर आखिरी फैसला पार्टी हाईकमान को करना है।
हालांकि, BJP के पास बहुमत से 7 विधायक कम है, लेकिन 2024 के राज्यसभा चुनाव में भी भाजपा के पास बहुमत से 9 विधायक कम थे। बावजूद इसके भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, इसी वजह से सत्तारूढ़ कांग्रेस इस बार भी बीजेपी को हल्के में नहीं ले रही।

कांग्रेस में अभी ये नाम चर्चा में
राज्यसभा सीट के लिए फिलहाल कुछ नाम चर्चा में हैं जिनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का नाम प्रमुख है। चर्चा यह भी है कि सीएम सुक्खू स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल को भी राज्यसभा भेजना चाह रहे हैं। ऐसा करने से कैबिनेट में मंत्री पद खाली हो जाएगा और उनके स्थान पर सीएम सुक्खू कांगड़ा के किसी वरिष्ठ विधायक की ताजपोशी कर सकते हैं।
प्रदेश के इन तीन नेताओं के अलावा हिमाचल कांग्रेस प्रभारी एवं महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद रजनी पाटिल का नाम भी चर्चा में है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान रजनी पाटिल को हिमाचल से राज्यसभा भेजना चाह रहा है, क्योंकि महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद के तौर पर कार्यकाल अप्रैल में पूरा हो रहा है।हालांकि इस कदम को लेकर पार्टी के भीतर नाराज़गी और 2024 जैसा राजनीतिक तनाव फैलने की आशंका जताई जा रही है।
स्पीकर का फैसला देश के लिए नजीर
राजनीति के जानकार मानते हैं कि विधानसभा स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने जिस तरह से फरवरी 2024 में दल बदल कानून (एंटी डिफेक्शन लॉ) के तहत कांग्रेस के छह विधायकों की सदस्यता को खत्म किया, उसे देखते हुए भविष्य में कोई भी विधायक इतनी आसानी से अब क्रॉस वोट करने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा। यह फैसला न केवल हिमाचल बल्कि पूरे देश के लिए नजीर साबित होगा।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.