हिमाचल प्रदेश सरकार ने जिला चंबा में तैनात जेबीटी शिक्षक ईश्वर चंद की अंतर-जिला तबादले की मांग को खारिज कर दिया है। शिक्षक ने 5 प्रतिशत अंतर-जिला कोटा के तहत चंबा से सिरमौर तबादला करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 6 अक्तूबर को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता की लंबित प्रतिनिधि याचिका पर चार सप्ताह के भीतर निर्णय लिया जाए और कर्मचारी को सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाए।
निर्देशों के पालन में 21 नवंबर को याचिकाकर्ता को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई के लिए बुलाया गया। ईश्वर चंद ने दलील दी कि वह पांच फीसदी इंटर-डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर नीति के तहत तबादले के पात्र हैं और इस संबंध में अपना प्रतिनिधित्व भी प्रस्तुत किया। हालांकि, जिला चंबा के उपनिदेशक (प्राथमिक शिक्षा) से प्राप्त टिप्पणियों में बताया गया कि जिले में कुल 2258 जेबीटी पदों में से 112 खाली पड़े हैं। वहीं जिस विद्यालय में याचिकाकर्ता तैनात हैं, वहां तीनों स्वीकृत पद भरे हुए हैं और स्कूल का नामांकन 60 है। ऐसे में शिक्षक का तबादला मध्य सत्र में बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
शिक्षा विभाग ने 4 जून को जारी आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश में शिक्षकों के तबादलों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। किसी कर्मचारी को मनचाही जगह भेजना उसका अधिकार नहीं है, बल्कि सरकार प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार ही स्थानांतरण करती है। सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद स्कूल शिक्षा निदेशक ने ईश्वर चंद की अंतर-जिला तबादले की मांग को अस्वीकार्य मानते हुए खारिज कर दिया है।
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